आज अरुणिमा की नुमाईश की तीसरी गिनती भी पूरी हो गयी| जब पहली बार उसकी नुमाईश हो रही थी, तभी उसने अपने माँ-पापा को कहा था, ऐसा मत करो, मुझे ये सब पसंद नहीं है| फिर भी समाज का हवाला दे कर,शुरू हो ही गया नुमाईश का सिलसिला।

हाथ में चाय की ट्रे और सर पर पल्लू और सामने वो लोग थे जिनके घर का पानी बाप रे बाप पाप है,महान लड़के वाले जो एकदम मुहँ उठा कर बेठे थे, और फिर शुरू हुआ बहु बनाओ या न बनाओ इंटरव्यू ।

पहला सवाल” तुमने कहाँ तक पढ़ा है?”

जवाब” iit कम्पलीट +दो साल का एक्सपीरियंस|”

दूसरा-

“मेरा बेटा तो इतना नहीं पढ़ा है,इसलिए तुम्हे शादी के बाद कम करने की चाह है तो यहीं खत्म कर दो|”

तीसरा

“शायद ज्यादा पढ़ी हो इसलिए चेहरे पर ध्यान नहीं गया एकदम सांवली हो। हमें तो गोरी लड़की चाहिए थी,लम्बी हो पर ज्यादा लम्बी हो”

और न जाने क्या- क्या बकवास सवाल।

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न”हम एक शर्त पर शादी के लिए तैयार है,अगर 30 लाख कैश +बाकी घर का कुछ सामान अलग से।

अरुणिमा का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उसने सोचा क्या दिन थे जब मै यहाँ से बाहर थी,दोस्तों के साथ मस्ती,पढाई वहां कितना मजा आता था। मुझे तो कंपनी ने लाखों के ऑफर दिए थे पर माँ पापा ने अपने रिश्तेदार के सुझाव के कारण मुझे यहाँ बुला लिया|उनकी भी सोच बदल रही थी पर ..

रात हो चली थी माँ पापा ने मुझे बुलाया और कहा यहाँ तो रिश्ता नहीं हो पायेगा,इतने पैसे नहीं है मेरे पास। रात के बारह बजे थे और अरुणिमा की पैकिंग पूरी हो चुकी थी मन तो नहीं था उसका यहाँ से जाने का पर वो मजबूर थी क्योंकि उसे अपनी नुमाईश और नहीं करवानी थी , वो कोई वस्तु नहीं हैं। एक चिठ्ठी लिख कर उसने मेज पर रखा।

जिसमे लिखा था मैं एक दो साल में वापस आऊंगी बाकी आप लोग संभाल लेना।

अरुणिमा ने उसी वक्त ट्रेन पकड़ी और चल दी दिल्ली जहाँ उसे एक मल्टीनेशनल कंपनी ने लाखों का पैकेज ऑफर किया था और फिर शुरू हुआ आगे बढ़ने का सिलसिला और एक साल बाद जब माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से ऑफर आया तब यह अखबारों के लिए एक ब्रेकिंग न्यूज़ बन गया तब उसके माँ पापा को पता चला कि उनकी बेटी लाखों लड़कियों के लिए मिसाल बन गयी है। अब उन पर किसी के भी बहकावे का कोई असर नहीं हुआ और देखते ही देखते उसके जिंदगी बदल गई अब वो अपने बेटी के साथ ख़ुशी से रहने लगे और बहकाने वालों के मुँह हमेशा के लिए बंद हो गये।

लेखिका: सौम्या ज्योत्स्ना

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