अनारकली-अंजना वर्मा

“ऐ! चुप रह। जब देखो तब मुस्कुराती रहती है, ठी-ठी-ठी-ठी हँसती रहती है। न कोई सोच, न कोई चिंता। थोड़ी भी शरम है?” दीपा की भाभी ने कहा। “किस बात की शरम भाभी? क्या किया...

उसके बाद…..?-उपासना सियाग

गाँव की गलियों के सन्नाटे को चीरती एक जीप एक बड़ी सी हवेली के आगे रुकी।  हवेली की ओर बढ़ते हुए चौधरी रणवीर सिंह की आँखे अंगारे उगल रही है चेहरा तमतमाया हुआ है।...

वैर का अंत-प्रेमचंद

रामेश्वरराय अपने बड़े भाई के शव को खाट से नीचे उतारते हुए भाई से बोले-तुम्हारे पास कुछ रुपये हों तो लाओ, दाह-क्रिया की फिक्र करें, मैं बिलकुल खाली हाथ हूँ। छोटे भाई का नाम विश्वेश्वरराय...

आत्माराम-प्रेमचंद

वेदों-ग्राम में महादेव सोनार एक सुविख्यात आदमी था। वह अपने सायबान में प्रातः से संध्या तक अँगीठी के सामने बैठा हुआ खटखट किया करता था। यह लगातार ध्वनि सुनने के लोग इतने अभ्यस्त हो...

सुंदर हाथ

"बहुत समय पहले की बात है कुछ महिलाएं एक नदी के तट पर बैठी थी वे सभी धनवान होने के साथ-साथ अत्यंत सुंदर भी थी वे नदी के शीतल एवं स्वच्छ जल में अपने...

दर्द का रिश्ता-सुरेखा अग्रवाल

अस्पताल में ही मुलाकात हुई दोनों की। डॉक्टरी जाँच कराने आए थे दोनों। सुमि बेइंतहा चीख रही थी शायद दर्द था उसे।और अलोक कातर निग़ाहों से उस वार्ड को देख रहा था। चेहरे पर...

कठपुतली का नाच

छत्रपुर के ठाकुर रणवीर सिंह की उदारता और न्याय से सब जनता भली भाँति परिचित थी। उन के दीवान करम चन्द का तो बस कहना ही क्या। उनकी चतुरता और ज्ञान का सब को...

त्याग का मर्म

एक बार महर्षि नारद ज्ञान का प्रचार करते हुए किसी सघन बन में जा पहुँचे। वहाँ उन्होंने एक बहुत बड़ा घनी छाया वाला सेमर का वृक्ष देखा और उसकी छाया में विश्राम करने के...

तिलांजलि-सुरेखा अग्रवाल(स्वरा)

दिन भर की व्यस्तता के बाद पल भर सुस्ताने बैठी मनु एक कप चाय लेकर बैठी थी कीअचानक door bell बजी कौन होगा यही सोचती वह अपने लम्बे बालों का जुड़ा बनाती दरवाज़ा खोलती...

खुदा अपने बन्दों के साथ हमेशा रहता हैं

एक अमीर ईन्सान था। उसने समुद्र मेँ अकेले घूमने के लिए एक नाव बनवाई। छुट्टी के दिन वह नाव लेकर समुद्र की सेर करने निकला। आधे समुद्र तक पहुंचा ही था कि अचानक एक...