मजा ही कुछ और है…

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दाँतो से नाखून काटने का,
छोटो को जबर्दस्ती डांटने का,
पैसे वालो को गाली बकने का,
मूँगफली के ठेले से मूँगफली चखने का,
कुर्सी पर बैठ कर कान मे पेन डालने का,
और रोडवेज के बस के सीट से स्पंज निकालने का।
मजा ही कुछ और है…
एक ही खूंटी पर ढेर सारा कपड़े टाँगने का,
नये साल पर दुकानदार से कलेंडर मांगने का,
चलती रेल मे चढ़ने का ,
दूसरे की लेटर पढ़ने का,
मांगी हुई स्कूटर को तेज भगाने का ,
खुद को नींद नही आये तो पत्नी की जबर्दस्ती जगाने का,
मजा ही कुछ और है…
चोरी से फल फूल तोड़ने का,
खराब ट्यूबलाइट और मटके को फोड़ने का,
पड़ोसन को घूर घूर के देखने का,
अपना कचरा दूसरे के आगे फेकने का,
बाथरूम मे बेसुरा गाने का ,
और थूक से टिकिट चिपकाने का,
मजा ही कुछ और है…
ऑफिस मे लेट आने का ,
फ़ाइल को जबर्दस्ती दबाने का,
चाट वाले से फोकट की चटनी डलवाने का,
( भैया थोड़ी चटनी देना)
बारात मे प्रैस किये हुये कपड़े पर फिर से प्रैस करवाने का,
ससुराल मे साले से पान मंगाने का ,
और साली के पीठ पर ढोल बजने का,
मजा ही कुछ और है…
पंगत मे बैठ के एक ही सब्जी के लिये दो दोने लगाने का,
आरती मे सबसे फटे हुये नोट चढ़ाने का,
दूसरे के फोन से चिपकने का,
गुटके और पान इधर उधर पिचकने का,
कमजोर को बेमतलब लड़ने का,
पत्नी को बेवजह परेशान करने का,
मजा ही कुछ और है…

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