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अन्नपूर्णा

एक दिन राजा विक्रमादित्य अपने शयन-कक्ष में सो रहे थे। अचानक उनकी नींद करुण-क्रन्दन सुनकर टूट गई। उन्होंने ध्यान लगाकर सुना तो रोने की आवाज नदी की तरफ से आ रही थी और कोई स्त्री रोए जा रही थी। विक्रम की समझ में नहीं आया कि कौन सा दुख उनके राज्य में किसी स्त्री...

सावन-निशा रावल

ये सावन के झूले,हरीचूड़ियाँ,मेहन्दी,बिंदिया,काजल,लाली,झुमके और पाजेब,,ये महज एक श्रृंगार ही नही वरन तुम्हारे प्रति मेरे प्रेम का प्रतीक भी है,सावन का झूला,हा इस सावन के झूले ने मुझे पुनः स्मरण कराया कि कैसे तुम्हारे मोहपाश में बंधकर मैंने तुम्हारे बाहों के झूले में उन ख्वाबों को देखा था,,, जो सदैव मुझे तुम्हारे प्रेम की डोर...

उड़ान-सौम्या ज्योत्स्ना

आज अरुणिमा की नुमाईश की तीसरी गिनती भी पूरी हो गयी| जब पहली बार उसकी नुमाईश हो रही थी, तभी उसने अपने माँ-पापा को कहा था, ऐसा मत करो, मुझे ये सब पसंद नहीं है| फिर भी समाज का हवाला दे कर,शुरू हो ही गया नुमाईश का सिलसिला। हाथ में चाय की ट्रे और सर...

जब कृष्ण ने दिखाया सुदामा को मायानगरी

सुदामा ने एक बार श्रीकृष्ण ने पूछा कान्हा, मैं आपकी माया के दर्शन करना चाहता हूं… कैसी होती है?” श्री कृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्री कृष्ण ने कहा, “अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा। और फिर एक दिन कृष्ण कहने लगे… सुदामा, आओ, गोमती में स्नान करने चलें| दोनों गोमती...

बिहारी जी की माला

एक राजा ने भगवान कृष्ण का एक मंदिर बनवाया और पूजा के लिए एक पुजारी को लगा दिया. पुजारी बड़े भाव से बिहारीजी की सेवा करने लगे. भगवान की पूजा-अर्चना और सेवा-टहल करते पुजारी की उम्र बीत गई. राजा रोज एक फूलों की माला सेवक के हाथ से भेजा करता था.पुजारी वह माला बिहारीजी को पहना देते थे. जब...