दूल्हा बिकता है-मुकेश कुमार

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पुष्पा जी आज सुबह सुबह उठकर पूरा घर सजाने में लगी हुई थी। क्योंकि आज उनका शादी का 25 वीं वर्षगांठ थी इस वजह से यह वर्षगांठ  कुछ खास था। पुष्पा जी की एक ही बेटी थी संजना वह अपने अनुसार घर को डेकोरेट कर रही थी। वह चाहती थी कि मम्मी पापा का ये वर्षगांठ जीवन के यादगार पलों में शामिल हो जाए।  घर को डेकोरेट करने के लिए अपनी फ्रेंड को भी बुला लिया था।
सजना अपने पापा विनोद जी को  फुल लाने के लिए फुल मार्केट भेजा था लेकिन वह फूल लाने  में लेट कर रहे थे इस वजह से संजना ने अपने मम्मी पुष्पा जी को बोला मम्मी, पापा को फोन करो ना, देखो वह इतनी लेट क्यों कर रहे हैं। पुष्पा जी ने जैसे ही विनोद जी को फोन लगाया विनोद जी ने फोन रिसीव करते ही बोला अरे  भाग्यवान मैं बस पहुंचने ही वाला हूं तुम्हें तो पता ही है इस रास्ते में सुबह सुबह कितनी ट्रैफिक होती है।
दोपहर तक पूरे घर को संजना और उसकी फ्रेंड आरती ने ऐसे सजा दिया था जैसे लग रहा था यह घर नहीं कोई दुल्हन हो मंडप पर जाने के लिए तैयार गई हो। पुष्पा जी और विनोद जी की यह  सिल्वर जुबली वर्षगांठ थी इस वजह से उन्होंने अपने कुछ खास रिश्तेदारों को भी शाम को पार्टी में इनवाइट किया था।
थोड़ी देर बाद हलवाई घर पर आ चुके थे उन्होंने विनोद जी से पूछा साहब जीतने भी खाने बनाने के आइटम हैं वह बाहर भिजवा दीजिए नहीं तो हम टाइम से खाना नहीं बना पाएंगे।  विनोद जी ने उनको घर से लाकर सारा सामान दिया और उन्होंने बोला देखो भाई ऐसा खाना बनाना होगा कि लोग खाए तो हमारी शादी की वर्षगांठ को याद करें कि भाई विनोद जी की शादी की सालगिरह  में क्या खाना खाया था।
कोई भी शिकायत नहीं आना चाहिए खाने में।  हलवाई बोला साहब आप इसकी चिंता बिल्कुल मत कीजिए आपको तो पता ही है हमारे खाने के बारे में बिल्कुल ही टेस्टी खाना बनाएंगे कि लोग उंगलियां चाटते रह जाएंगे।
विनोद जी ने किचन में पुष्पा जी को अकेला  पाकर उनको अपने बाहों में भर लिया था। पुष्पा जी ने धीरे से बोला छोड़िए ना क्या कर रहे हैं अभी  बच्चे आ जाएंगे देखेंगे तो क्या कहेंगे। अरे भाई देखेंगे तो क्या बोलेंगे आज हमारी शादी की वर्षगांठ है इतना तो मेरा हक बनता है।
विनोद जी पुष्पा को एक बार और गले लगाकर थैंक्स बोला। जब से तुम मेरी जिंदगी में आई मैं अपनी लाइफ में कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और मैं सफलता की सीढ़ियां चढ़ता चला गया।  पुष्पा जी ने विनोद जी को बोला अरे धन्यवाद तो मुझे आपको देना चाहिए जो मुझे उस अवस्था में ही भी अपनाया और मुझे एक नई जिंदगी दी।
विनोद जी ने पुष्पा जी से बोला आप मेरे लिए एक अच्छा गरमा गरम चाय बना कर लाइए तब तक मैं बाहर आपका इंतजार कर रहा हूं।  विनोद जी सोफे पर बैठ गए और बैठते ही वह आज के 25 साल पीछे चले गए।
यह बात सन 1993 की है विनोद जी उसी  साल ग्रेजुएशन कंप्लीट किए थे उसके बाद शुरू हुई नौकरी तलाशने का दौर.। विनोद जी घर से भी कोई ज्यादा अमीर फैमिली से नहीं थे इस वजह से अपनी पढ़ाई को आगे और जारी नहीं कर सकते थे घर वालों ने साफ मना कर दिया था आगे पढ़ाई करने से अब उनके पास विकल्प था सिर्फ नौकरी करने का।  रोजाना सुबह उठकर सबसे पहले न्यूज़पेपर निकालकर नौकरियों के विज्ञापन देखा करते थे कई जगह इंटरव्यू देकर आते लेकिन कहीं पर भी उनको मनमुताबिक जॉब नहीं मिल रहा था वह काफी परेशान हो गए थे समझ में नहीं आ रहा था करें तो क्या करें।
एक दिन सुबह पर जैसे ही न्यूज़पेपर खोलकर नौकरी के विज्ञापन पढ़ रहे थे वहीं पर भी एक और विज्ञापन आया हुआ था यहां पर लिखा हुआ था । जो भी पुरुष इस लड़की से शादी करेगा उसे 2 लाख रुपये  दिए जाएंगे। यह विज्ञापन पढ़कर विनोद जी को कुछ अजीब सा लगा यह कैसा विज्ञापन है लेकिन. उस समय उनको पैसे की इतनी जरूरत थी कि ना चाहते हुए भी दिए हुए पते पर पहुंच गए थे।
उस एड्रेस पर पहुंचे तो दरवाजे के बाहर ही एक गार्ड खड़ा था । विनोद जी ने कार्ड से पूछा कि गुप्ता जी का यही घर है क्या गार्ड ने बोला जी हां यही घर है  बताइए किस से मिलना है विनोद जी ने विज्ञापन दिखाते हुए गांठ को बोला मुझे गुप्ता जी से मिलना है। उसने बोला ठीक है आप अंदर चले जाइए । अंदर जाते ही गुप्ता जी दरवाजा खोला और पूछा हां बताइए कौन हैं आप और किस लिए आए हैं विनोद जी ने उन्हें न्यूज़पेपर की विज्ञापन वाली बात बताएं गुप्ता जी ने बोला हां भाई यह विज्ञापन हमने दिए थे तो क्या आप तैयार हैं शादी करने के लिए।  विनोद जी बोले हां सर मैं तैयार हूं। गुप्ता जी बोले कि आपने तो लड़की भी नहीं देखा और ना ही कुछ लड़की के बारे में आप जानते हैं फिर ऐसे कैसे आप तैयार हो गए शादी करने के लिए।
विनोद जी बोले गुप्ता जी मुझे अभी पैसों की सख्त जरूरत है इस वजह से मैंने शादी के लिए हां कर दी और मैंने सोचा कैसी भी होगी लड़की तो होगी. आज या कल शादी तो करना ही है।
गुप्ता जी ने पुष्पा जी का फोटो दिखाते हुए बोला यह  है वह लड़की जिससे तुम्हारी शादी होने वाली है पुष्पा जी के फोटो देखकर विनोद जी के मन में एक सवाल घूमने लगा इतनी खूबसूरत लड़की है हाथ पैर भी सब कुछ ठीक है फिर भी इसकी शादी के लिए ऐसा विज्ञापन,  लेकिन वह चुप थे। गुप्ता जी बोले विनोद यह मेरी बेटी पुष्पा है यह देखने में इतनी सुंदर है कि कोई भी इसे देखकर शादी के लिए मना नहीं कर सकता है लेकिन जब तुम इसके बारे में जानोगे तो तुम शादी करने से मना कर दोगे।
विनोद के मन में यह सवाल उठने लगा क्या है।  गुप्ता जी ने बताया कि मेरी बेटी पुष्पा का एक किडनी खराब है और दूसरी किडनी भी खराब हो गई है उसकी जिंदगी कब खत्म हो जाएगी कहा नहीं जा सकता।  और मैं चाहता हूं कि अपने जीते जी अपनी बेटी के हाथ पीले कर दो क्योंकि मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी अपनी जितनी भी जिंदगी है उस जिंदगी को जिंदादिली से जिएं इस वजह से मैंने यह विज्ञापन दिया था और बताओ क्या तुम तैयार हो शादी करने के लिए।  विनोद जी एक पल के लिए तो बिल्कुल ही शांत हो गए थे उनका दिमाग काम नहीं कर रहा था उस लड़की से शादी करें कि नहीं करें।
गुप्ता जी बोले क्यों भाई विनोद क्या हो गया इरादा बदल लिया क्या अब बताओ शादी करना है या नहीं करना है विनोद ने बिना सोचे हां कह दिया और उसने सब कुछ अब किस्मत के हाथों छोड़ दिया जो होगा देखा जाएगा।
पुष्पा को यह बात पता था कि उसकी एक किडनी पहले से ही खराब हो गई है और दूसरी किडनी भी खराब ही होने वाली थी कब खराब हो जाएगी इसका कोई पता नहीं था इस वजह से वह शादी करने को तैयार नहीं थी लेकिन अपने पिताजी के  दिल रखने के लिए उसने हां कह दिया था।
वह अपने पिताजी को कई बार समझाएं कि पापा आप ही बताओ मुझसे कौन शादी करेगा और हां अगर आप किसी से शादी करना उसको सारा सच्चाई बता देना क्योंकि उसे बाद में यह नहीं लगना चाहिए कि मेरी शादी धोखे में हुई है।  
गुप्ता जी बोले हॉस्पिटल में अपनी बेटी पुष्पा से मिलवाता विनोद गुप्ता जी के साथ ही उनके कार में चले गए वहां जाने के बाद पुष्पा के रूप में गए और पुष्पा को यह बात बता दिया उन्होंने उसकी शादी तय कर दी है और उस लड़के को सब कुछ बता दिया है फिर भी वह लड़का तुमसे शादी करने को तैयार हो गया है लेकिन. पुष्पा को उन्होंने पैसे वाली बात नहीं बताई है उसे पैसे के लिए शादी कर रहा है।  अपनी बेटी को बोला कि मैं विनोद को अंदर भेज रहा हूं तुम भी एक बार उससे बात कर लो। पुष्पा ने विनोद से सबसे पहले यही सवाल पूछा क्या आप शादी करने के लिए तैयार हैं विनोद जी हां मैं अपना सिर हिला दिया क्या आपको पता है मेरी बीमारी के बारे में विनोद ने हां मुझे अंकल ने सब कुछ बता दिया है मैं आपसे शादी करने को तैयार हूं पुष्पा देखने में इतनी खूबसूरत ऊपर से देख कर उससे शादी करने से मना नहीं कर सकता था। अगले दिन ही पुष्पा और विनोद जी का सादे समारोह में शादी हो गई लेकिन अभी पुष्पा को हॉस्पिटल में एक महीना और रहना था उसके बाद डॉक्टर घर जाने की इजाजत दे दे।  और विनोद जी भी पूरे दिन पुष्पा के पास ही रहने लगे।
विनोद जी के लिए यह शादी तो एक समझौता था उन्हें लगता था कि पुष्पा मुश्किल से 2 या 3 महीने की मेहमान है फिर वह इस दुनिया से चली जाएगी फिर वह उस पैसे से अपना कुछ ना कुछ बिजनेस करेंगे इस वजह से जब तक
पुष्पा के पास ही रहा करते थे।  लेकिन पुष्पा के साथ समय बिताते बिताते विनोद जी को कब पुष्पा से प्यार हो गया विनोद जी को भी पता नहीं अब तो हालत यह हो गई थी कि अगर वह 1 दिन भी इसी कारण से हॉस्पिटल नहीं जा पाते थे उनकी हालत खराब हो जाती थी धीरे-धीरे उसका भी विनोद जी को चाहने लगी थी लेकिन पुष्पा को पता था ज्यादा से ज्यादा 3 महीने सकती है लेकिन 3 महीने को 300 साल की तरह जीना चाहती एक पल भी बेकार नहीं करना चाहती थी।
अगले महीने तक हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गया था पुष्पा अपने घर चली आई थी विनोद जी पुष्पा के साथ उसी के घर में रहते थे।  एक दिन अचानक से उसकी तबीयत खराब हो गई हॉस्पिटल भर्ती किया गया डॉक्टर बोले इसको तुरंत
क किडनी नहीं लगाई गई तो पुष्पा हम नहीं बचा सकते हैं।  1 महीनों में विनोद जी को पुष्पा से इतनी मोहब्बत हो गई थी अब पुष्पा के बिना 1 दिन भी जीना उनके लिए आसान नहीं था। जब विनोद जी को यह बात पता चला कि अगर आज पुष्पा को किडनी ट्रांसप्लांट नहीं किया गया तो वह यह दुनिया छोड़कर चली जाएगी उन्होंने बिना कुछ सोचे ही सीधा डॉक्टर के कमरे में चले गए और उन्होंने उसे एक ही चीज बोला मैं अपनी किडनी पुष्पा को देना चाहता हूं।  यह सुन कर दी आश्चर्यचकित हो गए।
आप पूरे होशो हवास में तो हैं क्योंकि आप एक बार फिर से सोच लीजिए क्योंकि आज के बाद आपकी भी एक ही किडनी हो जाएगी और फिर अगर यह किडनी खराब हो जाएगी तो आप को भी बचाया नहीं जा सकता है विनोद जी बोले डॉक्टर साहब अब चाहे कुछ भी हो जाए। मुझे मेरी पुष्पा जिंदा चाहिए। पुष्पा को जब यह पता लगा विनोद जी उसको अपनी एक किडनी डोनेट कर रहे हैं पुष्पा के दिल में विनोद जी के लिए प्यार और दुगना हो गया।
कुछ दिनों के बाद ठीक होकर पुष्पा  घर वापस आ गई थी।
डॉक्टर ने अब उसे कोई भी बच्चा पैदा करने से मना कर दिया था। लेकिन पुष्पा अब मां बनना चाहती थी  वह अपना अंश इस दुनिया में बाहर लाना चाहती थी उसे मातृत्व का सुख प्राप्त करने का बहुत ही इच्छा थी।  सब के मना करने के बावजूद भी वह नहीं मानी और वह गर्भवती हो गई।
9 महीने के बाद एक प्यारी सी बेटी संजना को जन्म दिया.  वक्त बिता सब कुछ ठीक हो गया । आज संजना थी 24 साल की हो गई थी।  विनोद जी और पुष्पा जी भी बिल्कुल फिट थे।
तभी पुष्पा ने विनोद जी को हाथ देकर उठाया यह लो जी अपनी चाय विनोद जी अपने अतीत से बाहर आ गए थे उन्होंने एक बार फिर से अपनी पत्नी पुष्पा को गले लगाया।
उन्होंने मन ही मन सोचा जिसका भगवान कुछ नहीं बिगाड़ सकते उसे कुछ भी नहीं हो सकता है।  शाम हुआ मेहमानों का आना जाना शुरु हो गया था। सब ने मिलकर विनोद जी और पुष्पा जी के शादी की 25वी वर्षगांठ इंजॉय किया।
लेखक:मुकेश कुमार

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