Spirituality

क्यों पड़ते है श्री जगन्नाथ भगवान प्रत्येक वर्ष बीमार…… ????

भक्त माधव दास जी उड़ीसा प्रान्त में जगन्नाथ पूरी में एक भक्त रहते थे , श्री माधव दास जी अकेले रहते थे, कोई संसार से इनका लेना देना नही | अकेले बैठे बैठे भजन किया करते थे, नित्य प्रति श्री जगन्नाथ प्रभु का दर्शन करते थे और उन्ही को अपना सखा मानते थे, प्रभु के साथ...

बाल_लीला

एक बार बालक श्रीकृष्ण अपनें सखाओं संग खेल रहे थे. श्रीदामा,बलराम तथा मनसुखा आदि उनके साथ रसमयी क्रीड़ा का आनन्द ले रहे थे. इस खेल में एक बालक दूसरे के हाथ में ताली मारकर भागता और दूसरा उसे पकड़ने का प्रयास करता था. बलदाऊ को लगा कही कान्हा को चोट न लग जाये. इसीलिए उन्होनें...

हम कौन हैं? हमारा वास्तविक स्वरुप क्या है?

हम अपने स्वरुप के विषय में अज्ञान है और वह माया के कारण है. हमने अपने आप को अनादिकाल से शरीर मान रखा है. माया ने हमको भुला दिया हमारा स्वरुप. और स्वयं को शरीर मान लेने से फिर शरीर का स्वार्थ ही स्वार्थ मानने लगे और इसी कारण अनंतकाल से हम संसार की...

कर्क राशि के लोगों में होती है यह ख़ास बातें

1. इनका मूड बदलते देर नहीं लगती है। स्मरण शक्ति बहुत तीव्र होती है। इनके लिए अतीत का महत्व होता है। 2. कर्क राशि के लोग कल्पनाशील होते हैं। शनि-सूर्य व्यक्ति को मानसिक रूप से अस्थिर बनाते हैं। और अहम की भावना बढ़ाते हैं। 3. जिस स्थान पर भी वह कार्य करने की इच्छा करता है, वहां परेशानी ही...

इंसान_जैसा_करता_है_कुदरत_या_भगवान_उसे

#इंसान_जैसा_करता_है_कुदरत_या_भगवान_उसे_ वैसा_ही_उसे_लौटा_देता_है#🌷🌹 एक बार द्रोपदी सुबह स्नान करने यमुना घाट पर गयी तभी उसका ध्यान सहज ही एक साधु की ओर गया जिसके शरीर पर मात्र एक लँगोटी थी l साधु स्नान के पश्चात अपनी दूसरी लँगोटी लेने गया तो... वो लँगोटी अचानक हवा के झोके से उड़ पानी मे चली गयी और बह गयी l सँयोगवश...

किसी ने मुझ से पूछा वृन्दावन धाम कैसा है

प्यारे वृंदावन 🙏🙏🙏🙏 किसी ने मुझ से पूछा वृन्दावन धाम कैसा है । मैं बोली । " अरे , बिल्कुल मत जाना । बड़ी मायावी नगरी है , एक बार गए तो सही सलामत वापिस नही आ पाओगे । " कहीं से भी ढोल , नगाड़े , मंजीरे बज उठते हैं और पांव नाचने को मजबूर हो...

श्री राधा रानी के एक बार नाम लेने की कीमत

श्री राधा रानी के एक बार नाम लेने की कीमत - 🌹🌹🌷🌷 एक बार एक व्यक्ति था। वह एक संत जी के पास गया। और कहता है कि संत जी, मेरा एक बेटा है। वो न तो पूजा पाठ करता है और न ही भगवान का नाम लेता है। आप कुछ ऐसा कीजिये कि उसका...

क्या है भगवान शिव और शंकर में अंतर

अज्ञान के कारण बहुत से लोग शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम मानते हैं। परंतु दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति की हैं। शंकर को सदा तपस्वी मूर्त दिखाया जाता है और कई तस्वीरों में शिवलिंग का ध्यान करते हुए भी दिखाते हैं। परमात्मा शिव की स्थापना, पालना और विनाश के लिए...

भगवान का तीसरा अवतार -देवर्षि नारद

ऋषियों की द्रष्टि से भगवान ने ‘देवर्षि नारद के रूप’ में तीसरा अवतार ग्रहण किया और "नारद पाच्ज़रात्र" का उपदेश किया, उसमे कर्मो के द्वारा किस प्रकार कर्मबंधनो से मुक्ति मिलती है इसका  वर्णन है. नारद मुनि, हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मा के सात मानस पुत्रो मे से एक है. उन्होने कठिन तपस्या से ब्रह्मर्षि...

कर्मबंधन

एक राजा बड़ा धर्मात्मा, न्यायकारी और परमेश्वर का भक्त था। उसने ठाकुरजी का मंदिर बनवाया और एक ब्राह्मण को उसका पुजारी नियुक्त किया। वह ब्राह्मण बड़ा सदाचारी, धर्मात्मा और संतोषी था। वह राजा से कभी कोई याचना नहीं करता था, राजा भी उसके स्वभाव पर बहुत प्रसन्न था। उसे राजा के मंदिर में पूजा करते हुए...