Spirituality

कर्म बड़ा या भाग्य!

इस दुनिया में कर्म को मानने वाले लोग कहते हैं भाग्य कुछ नहीं होता। और भाग्यवादी लोग कहते हैं किस्मत में जो कुछ लिखा होगा वही होके रहेगा। यानी इंसान कर्म और भाग्य इन दो बिंदुओं की धूरी पर घूमता रहता है। और एक दिन इस जग को अलविदा कहकर चला जाता है। भाग्य और...

खाली हाँथ है जाना

स्वजनों खाली हाँथ है जाना एक बेहद सुंदर और प्रेरणात्मक प्रसंग कुछ समय पहले की बात है । एक बहुत धनी आदमी था । एक बार उसके मन में भी किसी संत से ज्ञान लेने की इच्छा हुई । लेकिन उसके मन में धन का बहुत अहंकार था । वो संत के पास गया ।...

13 साल की उम्र में मां बन गई, दिया 38 बच्चों को जन्म

दुनिया में किसी भी औरत के लिए मां बनना सबसे बड़ा सुख माना गया है। बेशक मां बनने का एहसास किसी भी महिला के लिए सबसे खास होता है। लेकिन औरत की यही खूबी अगर उसकी मजबूरी बन जाए तो मामला कुछ अलग ही हो जाता है। दरअसल हम बात कर रहे है एक...

क्यों चढ़ाते हैं शिवलिंग पर भस्म

शिवजी के पूजन में भस्म अर्पित करने का विशेष महत्व है। बारह ज्योर्तिलिंग में से एक उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन भस्म आरती विशेष रूप से की जाती है। यह प्राचीन परंपरा है। आइए जानते है शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर भस्म क्यों अर्पित की जाती है शिवजी का रूप है निराला भगवान शिव अद्भुत...

क्यों पड़ते है श्री जगन्नाथ भगवान प्रत्येक वर्ष बीमार…… ????

भक्त माधव दास जी उड़ीसा प्रान्त में जगन्नाथ पूरी में एक भक्त रहते थे , श्री माधव दास जी अकेले रहते थे, कोई संसार से इनका लेना देना नही | अकेले बैठे बैठे भजन किया करते थे, नित्य प्रति श्री जगन्नाथ प्रभु का दर्शन करते थे और उन्ही को अपना सखा मानते थे, प्रभु के साथ...

कौन थीं भगवान राम की बहन, जानिए –

श्रीराम के माता-पिता, भाइयों के बारे में तो प्रायः सभी जानते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि राम की एक बहन भी थीं जिनका नाम शांता था। वे आयु में चारों भाइयों से काफी बड़ी थीं। उनकी माता कौशल्या थीं। उनका विवाह कालांतर में श्रृंगी ऋषि से हुआ था। आज...

योग से मन को काबू में करें

सद्‌गुरु: सत्य की खोज अपने आप में एक बहुत बड़ा छलावा है, क्योंकि जिसे हम ‘सत्य’ कहते हैं, वह हमेशा और हर कहीं मौजूद होता है। हमें उसे खोजना या ढूंढना नहीं है। वह तो हमेशा मौजूद है। फिलहाल समस्या सिर्फ यह है कि आप जीवन का अनुभव सिर्फ सीमित आयाम के जरिये ही करने में...

भगवान को भेंट

आज यह कहानी जो मैं आपको बताने जा रहा हूं उसमें बहुत प्रेरणादायक बात है मैं आप सबको यह बात पूछना चाहता हूं क्या किसी धर्म शास्त्र मैं यह लिखा है कि भगवान को पैसे चढ़ाओ या मंदिर बनाने के लिए पैसों का दान करो हर आदमी भगवान के सामने ऐशो-आराम और पैसे मांगता...

हरि इच्छा बलवान्

(((( हरि इच्छा बलवान् )))) . एक बार भगवान विष्णु गरुड़जी पर सवार होकर कैलाश पर्वत पर जा रहे थे। रास्ते में गरुड़जी ने देखा कि एक ही दरवाजे पर दो बाराते ठहरी थी। . मामला उनके समझ में नहीं आया। फिर क्या था, पूछ बैठे प्रभु को। . गरुड़जी बोले ! प्रभु ये...

छोटा न समझें किसी भी काम को

एक बार भगवान अपने एक निर्धन भक्त से प्रसन्न होकर उसकी सहायता करने उसके घर साधु के वेश में पधारे। उनका यह भक्त कर्म से चर्मकार था और निर्धन होने के बाद भी बहुत दयालु और दानी प्रवृत्ति का था। व ह जब भी किसी साधु-संत को नंगे पाँव देखता तो अपने द्वारा गाँठी गई...