Motivational Story

वसूली करना अपुन से सीखो

हमारे देशवासियों की आदतें और सोच सारी दुनिया से निराली है। जैसे पूरे पर्वत पर संजीवनी बूटी चमकती थी ऐसे हम पूरी दुनिया में अलग ही चमकते हैं। भले ही हमारे देश में जाति-पाँति का भेद हो पर आदतों में कोई भेदभाव नहीं है, उनमें राष्ट्रीयता और देशभक्ति खूब टपकती है। यानी किसी भी...

वह करो जो आप करना चाहते हो

आज राजेश और पल्लवी  के घर ख़ुशी का माहौल था और हो भी क्यों नहीं आज 5 साल बाद उनके घर बेटे का जन्म जो हुआ है | दोनों उसका नाम सोचने में लग गए और finally उसका नाम रखा गया लक्ष्य | राजेश और पल्लवी अपनी संतान के बारे में कई सपने भी...

प्रेमचंद ने कहा था

बनी हुई बात को निभाना मुश्किल नहीं है, बिगड़ी हुई बात को बनाना मुश्किल है। क्रिया के पश्चात् प्रतिक्रिया नैसर्गिक नियम है। रूखी रोटियाँ चाँदी के थाल में भी परोसी जायें तो वे पूरियाँ न हो जायेंगी। कड़वी दवा को ख़रीद कर लाने, उनका काढ़ा बनाने और उसे उठाकर पीने में बड़ा अन्तर है।...

राम जी और शंकर जी का युद्ध

बात उन दिनों कि है जब श्रीराम का अश्वमेघ यज्ञ चल रहा था. श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न के नेतृत्व में असंख्य वीरों की सेना सारे प्रदेश को विजित करती जा रही थी. यज्ञ का अश्व प्रदेश प्रदेश जा रहा था. इस क्रम में कई राजाओं के द्वारा यज्ञ का घोड़ा पकड़ा गया लेकिन अयोध्या...

किसी को किसी से कम मत समझो

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना क्योकी बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है। किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस 'मक्खी' की तरह है जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है। टूट जाता है गरीबी मे वो रिशता जो खास...

ढोंगी सियार

मिथिला के जंगलों में बहुत समय पहले एक सियार रहता था । वह बहुत आलसी था। पेट भरने के लिए खरगोशों व चूहों का पीछा करना व उनका शिकार करना उसे बडा भारी लगता था। शिकार करने में परिश्रम तो करना ही पडता हैं । दिमाग उसका शैतानी था । यही तिकडम लगाता रहता कि...

कोई काम अधूरा न छोड़े

एक मकड़ी थी. उसने आराम से रहने के लिए एक शानदार जाला बनाने का विचार किया और सोचा की इस जाले मे खूब कीड़ें, मक्खियाँ फसेंगी और मै उसे आहार बनाउंगी और मजे से रहूंगी . उसने कमरे के एक कोने को पसंद किया और वहाँ जाला बुनना शुरू किया. कुछ देर बाद आधा जाला बुन कर तैयार हो...

सर्वश्रेष्ठ दान

तीन भाईयों में इस बात को लेकर बहस छिड़ गयी कि सर्वश्रेष्ठ दान कौन सा है? पहले ने कहा कि धन का दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है, दूसरे ने कहा कि गौ-दान सर्वश्रेष्ठ दान है, तीसरे ने कहा कि भूमि-दान ही सर्वश्रेष्ठ दान है। निर्णय न हो पाने के कारण वे तीनों अपने पिता के...

पैसा ही सब कुछ नही होता

✍ एक बादशाह ने अपने मुल्क में जुल्म, सितम कर के बहुत सा खजाना जमा किया और आबादी से बाहर जंगल में एक गार मैं सारे खजाने को ख़ुफ़िया तोर पर छुपा दिया था,, उस खजाने की सिर्फ दो चाबियां थी एक चाबी बादशाह के पास और एक उसके वजीर के पास थी इन दोनों...

ये ही सत्य हैं

Qus→ जीवन का उद्देश्य क्या है ? Ans→ जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..! Qus→ जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ? Ans→ जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के...