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राशि और मेड माला की कहानी

राशि अपनी मेड माला के इंतज़ार में बैठी थी। घर का सारा काम पड़ा हुआ था। जैसे ही माला आयी राशि ने गुस्से में कहा- माला क्या घड़ी देखनी नहीं आती तुम्हें। कल भी देर से आई तुम और आज भी। माला बोली- बीबी जी त्योहार का वक्त है ना। हर घर में काम बढ़ा...

ठण्डी रोटी

एक लड़का था | माँ ने उसका विवाह कर दिया | परन्तु वह कुछ कमाता नहीं था | माँ जब भी उसको रोटी परोसती थी, तब वह कहती कि बेटा, ठण्डी रोटी खा लो | लड़के की समझ में नहीं आया कि माँ ऐसा क्यों कहती है | फिर भी वह चुप रहा |...

खजुराहो के मंदिर : दिवारों पर कामुकता का दिखावा क्‍यों?

भारतीय संस्कृति के कई ऐसे पहलू हैं जिनका लक्ष्य या फिर अर्थ भी समझना मुश्किल लगता है। खजुराहो उन्हीं में से एक है। इन मंदिरों की बाहरी दीवारों पर कामुकता से भरी मूर्तिकला को दर्शाया गया है। क्या किसी ख़ास लक्ष्य से ऐसा किया गया था? प्रश्न: सद्‌गुरु, खजुराहो में यौन संबंधों को खुले तौर पर दर्शाती मूर्तिकला देखने को मिलती...

एक दिल को छू लेने वाली कहानी

पत्नी ने पति से कहा, "कितनी देर तक समाचार पत्र पढ़ते रहोगे ? यहाँ आओ और अपनी प्यारी बेटी को खाना खिलाओ" पति ने समाचार पत्र एक तरफ़ फेका और बेटी की ध्यान दिया,बेटी की आंखों मेंआँसू थे और सामने खाने की प्लेट... बेटी एक अच्छी लड़की है और अपनी उम्र के बच्चों से ज्यादा समझदार. पति ने...

लेकिन भाभी का क्या?

दोपहर को चाय-नाश्ता लेकर जब शिल्पा सास के कमरे में जाने लगी तो अंदर से आती सास और नणंद की बातचीत सुनकर उसके पैर ठिठक गए। नणंद कह रही थी, "माँ, आज अरबी के पत्तो की बडी बहुत ही स्वादिष्ट बनी थी।" सुनकर शिल्पा को खुशी हुई। उसने सोचा कि इतनी व्यस्तता के बीच...

रीत के ससुराल की अनोखी रीत !! एक बहु की कल्पना

रीत की शादी को आज लगभग पांच दिन हो गए , आज पहली बार उसे रसोई में जाने का मौका मिला । पहले तो घर मे रीति रिवाज और उसके बाद मेहमानों की इतनी भीड़ भाड़ , आज जाकर उसने पहली बार रसोई में कदम रखा था । सभी मेहमान लगभग जा चुके थे...

दिल का दर्द

वह नाश्ता कर रही थी। मगर उसकी नज़र अम्मी पर जमी हुई थी। इधर अम्मी जरा सी गाफिल हुई। इधर उसने एक रोटी लिपट कर अपनी पैंट की जेब में डाल ली। वह समझती थी कि अम्मी को खबर नहीं हुई। मगर वह यह बात नहीं जानती थी कि माओ को हर बात की...

एक अनोखा बंधन

अविनाश को ऑफिस से छुट्टी नहीं मिली थी। इसलिए हम शादी में सिर्फ दो दिन पहले ही पहुंचे। ऑटो से उतरते ही कई जोड़ी आंखें हमारी ओर उठ गईं । उन आंखों ने हमें, खासकर मुझे देखकर आपस में खुसर-फुसर शुरु कर दी। अविनाश जब सामने से आते हुए वृद्ध दंपत्ति के पैर छुने...

उड़ान-सौम्या ज्योत्स्ना

आज अरुणिमा की नुमाईश की तीसरी गिनती भी पूरी हो गयी| जब पहली बार उसकी नुमाईश हो रही थी, तभी उसने अपने माँ-पापा को कहा था, ऐसा मत करो, मुझे ये सब पसंद नहीं है| फिर भी समाज का हवाला दे कर,शुरू हो ही गया नुमाईश का सिलसिला। हाथ में चाय की ट्रे और सर...

नया सफर-पद्मजा शर्मा

ट्रेन में सफर कर रहे युवक को सामने बैठी युवती कब से एकटक घूरे जा रही थी। युवक आँखें बंद करता मगर खोलते ही पाता कि एक जोड़ी आँखें उस पर टिकी हैं। युवक खिड़की से बाहर झाँकता और जैसे ही गर्दन भीतर की ओर घुमाता वह उन आँखों को अपने चेहरे पर पाता।...