सामाजिक

राखी का नेग-Dr. Vineet Shrama

राखियों से सजी धजी दुकाने रजनी के दिल मे किसी शूल के जैसे घात कर रही है। अपनी 13 साल की बेटी तनु का हाथ खिंचे दौड़ी जा रही है। "मम्मी राखी दिलाओ ना, मैं भी बांधूंगी भाइ को" तनु ने जिद करते हुए कहा। " सब बेकार के रिवाज हैं, हमे पैसे खराब नही करने"...

देवी-Dr. Vineet Sharma

देवी एक ऐसी कहानी जो समाज की कुरीतियों को प्रदर्शित करती है देवी,  आज बहुत खुश थी, खुश होने का कारण भी  था। बहुत जगह से ठुकराए जाने के बाद आज उसकी शादी जो तय हो चुकी थी।   ठुकराये जाने का कारण सिर्फ दहेज था, रूप और संस्कारों की धनी होने के, बावजूद पढ़ी लिखी...