Story

ठंडा गोश्त-सआदत हसन मंटो

ईश्वरसिंह ज्यों ही होटल के कमरे में दांखिला हुआ, कुलवन्त कौर पलंग पर से उठी। अपनी तेज-तेज आँखों से उसकी तरफ घूरकर देखा और दरवाजे की चिटखनी बन्द कर दी। रात के बारह बज चुके थे। शहर का वातावरण एक अजीब रहस्यमयी खामोशी में गर्क था। कुलवन्त कौर पलंग पर आलथी-पालथी मारकर बैठ गयी। ईशरसिंह,...

नानी का घर-मंजु सिंह

  गर्मी की छुट्टियां आतीं और बस हम बच्चों की नानी या दादी के घर जाने की मांग ज़ोर पड़ने लगती । माँ तो चाहती ही थीं कि कुछ दिन के लिए कहीं जाएँ तो वो भी चैन की सांस लें । अब गर्मी हो या सर्दी , बेचारी माँ को कहाँ छुट्टी मिलती...

नए रिश्तो को पंख लगने मे समय तो लगता है-Mukesh Kumar

आज रागिनी की बारात आने वाली थी। उसकी सहेली ममता ने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगा कर जैसे ही उसके रुम से बाहर निकली उसकी मां उसके रूम में अंदर घुसी और अपनी बेटी रागिनी को से बोली बेटी आज मैं  तुम्हें एक ऐसी सीख दे रही हूँ जिसे अगर अपने जीवन मे...

सबकी प्यारी बहू-Mukesh Kumar

मोनिका और राज की शादी के अभी कुछ ही दिन हुए थे शादी बहुत ही धूमधाम से किसी बड़े मैरिज हॉल में हुआ था मोनिका के पापा ने मोनिका की शादी पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च किया था।  दहेज में ऐसा कोई चीज नहीं था जो दहेज में मोनिका के पापा ने ना दिया...

राखी का नेग-Dr. Vineet Shrama

राखियों से सजी धजी दुकाने रजनी के दिल मे किसी शूल के जैसे घात कर रही है। अपनी 13 साल की बेटी तनु का हाथ खिंचे दौड़ी जा रही है। "मम्मी राखी दिलाओ ना, मैं भी बांधूंगी भाइ को" तनु ने जिद करते हुए कहा। " सब बेकार के रिवाज हैं, हमे पैसे खराब नही करने"...

देवी-Dr. Vineet Sharma

देवी एक ऐसी कहानी जो समाज की कुरीतियों को प्रदर्शित करती है देवी,  आज बहुत खुश थी, खुश होने का कारण भी  था। बहुत जगह से ठुकराए जाने के बाद आज उसकी शादी जो तय हो चुकी थी।   ठुकराये जाने का कारण सिर्फ दहेज था, रूप और संस्कारों की धनी होने के, बावजूद पढ़ी लिखी...

सबकी प्यारी बहू

मोनिका और राज की शादी के अभी कुछ ही दिन हुए थे शादी बहुत ही धूमधाम से किसी बड़े मैरिज हॉल में हुआ था मोनिका के पापा ने मोनिका की शादी पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च किया था।  दहेज में ऐसा कोई चीज नहीं था जो दहेज में मोनिका के पापा ने ना दिया...

दहेज तो देना ही पड़ेगा

मेरी एक छोटी बहन नीलिमा है जो अभी-अभी ग्रेजुएशन कंप्लीट की है नीलिमा  की शादी के लिए उसके ग्रेजुएशन पास करते ही पापा ने लड़का देखना शुरु कर दिया था.   दोस्तों बेटी हो या बहन नादानी करते-करते कब बड़ी हो जाती है।  घर वाले को तो पता भी नहीं चलता है पता तो तब...

जब सास बनी गई माँ !-Mukesh Kumar

आज मै आपको जो कहानी सुनाने जा रही हूँ ये कोई कहानी नहीं बल्कि एक सच्ची घटना है। इस कहानी को आप अंत तक पढ़िये आपको पता चलेगा की कब लड़ते लड़ते सास माँ से भी अच्छी बन जाती है। यह कहानी हमारे बिल्कुल बगल में रहने वाली मीना आंटी की है.  मीना आंटी जब...

बेटी क्या औलाद नहीं-Mukesh Kumar

रूबी की शादी बड़ी धूमधाम से हुई.  अगले दिन वह अपने ससुराल पहुंची ससुराल पहुंचने पर उसका स्वागत उसके सास ने बहुत ही प्यार से किया ससुराल में उसका मान जान कुछ ज्यादा ही हो रहा था क्योंकि वह अपने सास की इकलौती बहू थी क्योंकि उसके पति मनोज का कोई भाई नहीं था। रूबी...