Shayari

कविता- अब बिन तेरे सूना है संसार…

जब-जब तुमसे मुलाक़ात होती है मेरे दिल में कोई गीत उतर आता है सामने आ जाते हो तुम मेरा सूना-सा जहां रंगीन हो उठता है मैं सोचती हूं तुमसे क्या करूं बातें पर तुम्हारी हर बात पर दिल झूम उठता है जब अकेली भी होती हूं मैं तब भी तुम मेरे क़रीब होते हो मेरी यादों में, मेरी सांसों, मेरी ख़्वाहिशों में...