Gharelu Nuskhe

उबलतें दूध में जब डाली जाती हैं तुलसी की पतियाँ तो होता है चमत्कार

घरेलू नुस्खे बिना किसी साइड इफेक्ट के कई बीमारियों को दूर करते हैं। पीढि़यों से चले आ रहे ये नुस्खे हमेशा से फायदेमंद साबित हुए है और शायद आगे भी होते रहेंगे। ऐसे ही कुछ टिप्स तुलसी को लेकर भी है। तुलसी एक ऐसा हर्ब है जो कई समस्याओं को आसानी से दूर कर...

आंखों की रोशनी बढ़ाने के

आजकल बच्चों से लेकर बुड्ढो तक में नजर का चश्मा लगा दिखाई देता है। आंखें हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है जिनमें थोड़ी सी भी कमी होने पर बहुत बड़ी समस्याओं को झेलना पड़ सकता है। आंखों से धुंधला दिखने की वजह न्यूट्रिशंस की कमी, जेनेटिक की कमी, बढ़ती उम्र, अत्यधिक तनाव, या...

दमा व श्वास का उपचार

दमा को आयुर्वेद में श्वास रोग कहते हैं। शरीर में कफ और वायु दोषों के असंतुलित हो जाने के कारण यह रोग होता है। बढ़ा हुआ कफ फेफड़े में एकत्र होने पर उसकी कार्यक्षमता में बाधा पहुंचती है और सांस के द्वारा लिये गये और छोड़े गये वायु के आवागमन में अवरोध उत्पन्न होता...

हड्डियों कमजोर होने के कारण

हड्डियों कमजोर होने के कारण और हड्डियों का खोखलापन होने से सिल्पडिकस, थोड़ी सी चोट से टुट जाना, हड्डियों का दर्द होना, हड्डी भूरभरी होना आदि। १) रिफाईनड तेल खाना छोड दें । रिफाइंड तेल में ज्यादा लाईपो कैमिकल होता है और यह शरीर के केल्सियम को मूत्र के जरिये बाहर निकालता है। केल्शियम अल्पता...

यदि दस्‍त आएं तो…

१ – कच्‍चे केले को उबाल कर छील लें। फिर एक बर्तन में थोड़ा सा घी गर्म करें और २ – ३ लौंग की छौंक देकर उसमें केले डालें। इसके बाद धनिया, हल्‍दी, सेंधा नमक मिले हुए दही को इसमें डाल दें। फिर थोड़ा पानी डाल कर पकाएं। इस मिश्रण को दस्‍तों में खाने...

बवासीर के घरेलू उपाय

  सब्जी में तुरई, चौलाई, परवल, कुल्थी, टमाटर, गाजर, जिमीकंद, पालक, चुकंदर नियमित खाएं. प्रतिदिन भोजन के साथ मूली खाएं.. भोजन के बाद 2-3 अमरुद खाएं. दोपहर में नियमित रूप से पपीता खाएं. करेले का रस या छाछ (थोडा नमक व् अजवायन मिला कर) या दही की लस्सी पियें. खून जाने की तकलीफ हो तो धनिये के रस...

किडनी से सबंधित बीमारी

स्‍टोन :--हालांकि यह किडनी से सबंधित बीमारी है। पर इसे भी पेट की बीमारी के तौर पर ही जाना जाता है। इसलिए मैंने भी इसे पेट के रोगों में ही शामिल किया है। नीचे तरीके बताए गए हैं जिनसे स्‍टोन पड़ जाने पर लाभ उठाया जा सकता है। १ – खीरा, गाजर और जामुन का...

आंतों के रोग का कारण व लक्षण

बिना चबाए भोजन निगलनेवालों,लगातार कुछ-न-कुछ खाते रहनेवालों, पानी कम पीनेवालों, चिकनाई का कम सेवन करनेवालों का आतों के रोग की चपेट में आना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। ज्यादा गरिष्ठ भोजन आंतों की कार्यप्रणाली को बिगाड़ देता है। रोग गंभीर होने पर ऑपरेशन भी करवाना पड़ सकता है। आतों में कई प्रकार के...

पेचिश, आंवरक्त ,दस्त परिचय:

  पेचिश या आंवरक्त खानपान की गड़बड़ी और एण्टामिवा हिस्टोलिटिका जीवाणु के कारण उत्पन्न होता है। इस रोग में मल के साथ आंवयुक्त खून आता है और पेट के नीचे तेज दर्द होता है। बड़ी आंत में रक्त संचय होकर सूजन हो जाती है और अंत में आंतों में घाव हो जाता है जिसके कारण...

पक्षाघात

1 (लकवा) में अकरकरा : अकरकरा की सूखी डण्डी महुए के तेल में मिलाकर मालिश करने से लकवा दूर होता है।अकरकरा की जड़ को बारीक पीसकर महुए के तेल में मिलाकर मालिश करने से पक्षाघात में लाभ होता है।अकरकरा की जड़ का चूर्ण लगभग आधा ग्राम की मात्रा में शहद के साथ सुबह-शाम चाटने से...