2 लाख लगाकर खोली थी वेडिंग कंसल्टेंसी, सिर्फ पांच साल में टर्नओवर हुआ 10 करोड़

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7वचन” स्टार्टअप की शुरुआत 2012 सितंबर में हुई थी। उस वर्ष मिन्नत ने 300 शादियों के लिए सर्विस प्रोवाइड की थी। अभी तक 7वचन प्राइवेट लिमिटेड 10,000 से भी अधिक शादियां करवा चुका है। यह हर साल लगभग 3,500 शादियों में अपनी सर्विस प्रदान करता है।

भारतीय संस्कृति में हमेशा से शादियों का एक अलग और महत्वपूर्ण स्थान रहा है। आज के दौर को ही ले लीजिए, चाहे ग्लैमर जगत वाले बॉलिवुड को देख लीजिए या फिर किसी भी निजी शादी समारोह में चले जाइए, हर जगह शादियों का खर्च दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। खर्चे के साथ ही शादी की तैयारियों में काफी वक्त लगता है। क्योंकि हर कोई चाहता है कि उसकी शादी में कोई कमी न रह जाए और ये मौका यादगार बने। इसका मतलब शादी के पहले कुछ महीने लोगों को कैटरर्स से लेकर डीजे, शॉपिंग और न जाने क्या क्या करना पड़ता है। शादी में होने वाली इसी झंझट को आसान करने के लिए मुंबई की मिन्नत लालपुरिया ने ‘7वचन’ नाम से एक स्टार्टअप की शुरुआत की।
मिन्नत का यह स्टार्ट अप बाकी वेडिंग प्लानर्स से कुछ हटकर है। यह एक वेडिंग कंसल्टेंसी की तरह काम करता है। इसकी मदद से दूल्हे-दुल्हन और उनकी फैमिली शादी का सबसे सही वेन्यू तय कर सकते हैं, फोटोग्राफर को हायर कर सकते हैं, और शादी में जितने भी जरूरी काम बाहर से करवाने पड़ते हैं वो सब किया जा सकता है। मिन्नत की कंपनी ग्राहकों को सबसे अच्छी और सस्ती दरों में सेवाएं उपलब्ध करवाती हैं। वे हर एक सर्विस पर 2 प्रतिशत कमीशन लेती हैं। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से पढ़ाई कर चुकीं मिन्नत इसके पहले टीसीएस में काम करती थीं।
‘7वचन’ न केवल शादी करने वाले कपल का समय बचाता है बल्कि उन्हें सही सलाह भी देता है। मिन्नत कहती हैं, ‘हम कोई वेडिंग प्लानर या मैचमेकर्स नहीं हैं। क्योंकि वेडिंग प्लानर्स थीम बेस्ड शादियों को ऑर्गनाइज्ड करते हैं जबकि हम एक कंसल्टेंट के तौर पर काम करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर भारत में जब भी शादी होती है तो लोग शॉपिंग करने और बाकी इंतजाम के लिए अपने दोस्तों या जानकारों से सलाह मांगते हैं। इसके बाद वे 15-20 दुकानों में जाते हैं, लेकिन सबकी पसंद अलग-अलग होती है इसलिए एक इंसान को जो पसंद आ गया कोई जरूरी नहीं है कि वही दूसरे के लिए भी सही हो।’
‘7वचन’ लोगों की मांग के अनुसार चॉइस को छोटा कर देता है और फिर 3 से 5 दुकानों की सलाह दे देता है जो सबसे सही होते हैं। औऱ ये सिर्फ ड्रेस या अपैरल शॉप के लिए ही नहीं बल्कि ब्यूटी पार्लर, ज्वैलरी, कार रेंटल, कैटरर्स, डेकोरेटर्स, वेन्यू और फोटोग्राफर तक की सर्विस मिलती है। ‘7वचन’ ने कई सारे ब्रैंड्स के साथ टाई अप भी किया है इसलिए ग्राहकों को अलग से डिस्काउंट भी मिल जाता है।
इस स्टार्ट अप की शुरुआत 2012 सितंबर में हुई थी। उस वर्ष मिन्नत ने 300 शादियों के लिए सर्विस प्रोवाइड की थी। अभी तक 7वचन प्राइवेट लिमिटेड 10,000 से भी अधिक शादियां करवा चुका है। यह हर साल लगभग 3,500 शादियों में अपनी सर्विस प्रदान करता है। शुरू में सिर्फ एक कर्मचारी के सहारे खोली गई इस कंपनी में आज 12 कर्मचारी काम करते हैं और लगभग 6,500 होटल के साथ पार्टनरशिप हो गई है। इस स्टार्ट अप को सिर्फ 2 लाख रुपये में शुरू किया गया था और पहले साल में ही 50 लाख रुपये का मुनाफा कमा लिया। आज यह कंपनी हर साल 10-12 करोड़ का टर्नओवर हासिल कर लेती है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 18-20 करोड़ तक पहुंच सकता है।
मिन्नत बताती हैं कि जब उन्होंने इस कॉन्सेप्ट पर काम करना शुरू किया था तो मार्केट में इस तरह काम करने वाला कोई नहीं था। लेकिन 2014 आते-आते इसी तरह के 20 और नई कंपनियां खुल गईं, लेकिन उनमें से 15 तो बंद ही हो गईं। मिन्नत की पैदाइश और परवरिश मुंबई के लोखंडवाला इलाके में हुई। वो शुरू से ही पढ़ने में काफी तेज थीं उन्होंने आर्य विद्या मंदिर जुहू से अपनी स्कूलिंग की और फिर मुंबई के ही एसपी इंजीनियरिंग कॉलेज से आईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
इसके बाद उन्हें टाटा कंसल्टेंसी में 18,000 रुपये प्रति माह की नौकरी मिली जहां उन्होंने छह महीने तक काम किया। इसके बाद उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में काम किया। पांच साल तक काम करने के बाद उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया। इस दौरान उन्हें लगा कि 25 से 35 साल की उम्र इंसान को बना या बिगाड़ने के लिए काफी होती है। उनके पास किराने के सामान की डिलिवरी करने का आइडिया था लेकिन उन्होंने वेडिंग कंसल्टेंसी वाले आइडिया को ज्यादा तवज्जो दिया। उनके पिता कांतिलाल रिएल एस्टेट के बिजनेस में हैं। उन्होंने अपने पिता से ही बिजनेस करने की प्रेरणा ली। जब उन्होंने घरवालों से अपनी प्लानिंग बताई तो उन्हें पूरा सपोर्ट मिला।
बिजनेस करते वक्त मिन्नत को लगभग 30 नौकरी के ऑफर मिले लेकिन उन्होंने सबको ठुकरा दिया। अपनी कंपनी ‘7वचन’ शुरू करने के लिए उन्होंने अच्छी खासी रिसर्च की और लगभग 1,000 नवविवाहित जोड़ों से बात की। मिन्नत कहती हैं, ‘घर खरीदने के
बाद शादी करना सबसे महंगा इवेंट होता है। लोग अपनी क्षमता के मुताबिक शादी में खर्च करते हैं, और मेरा काम उनका वक्त और पैसा बचाना होता है।’ मिन्नत ने अपनी छोटी बहन से 2 लाख रुपये लेकर यह कारोबार शुरू किया था। उनकी पहली कर्मचारी अदिति मेहता थीं जो आज भी मिन्नत के साथ काम कर रही हैं। मिन्नत की बहन और उनकी मां भी उनके काम में मदद कर देती हैं।
मिन्नत कहती हैं, ‘शादी विवाह काफी झंझट का काम होता है। इसमें वित्तीय और मानसिक दोनों तरह से थकान हो जाती है। सबके अलग-अलग बजट होते हैं कोई तीन लाख में शादी करना चाहता है किसी को 30 करोड़ खर्च करने होते हैं। पिछले पांच सालों में हमारे बिजनेस की अच्छी ग्रोथ हुई है और आने वाले समय में यह और भी ग्रोथ करेगा।’ 32 साल की मिन्नत ने 50 साल में रिटायर हो जाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि वे अभी विदेश में भी अपने पैर जमाने की ख्वाहिश रखती हैं और इसके लिए वे इन्वेस्टर्स को खोज रही हैं।

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