ख़ुशहाल ससुराल के लिए अपनाएं ये 9 हैप्पी टिप्स (9 Happy Tips For NewlyWeds)

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  1. बच्चों को दें भरपूर प्यार

सबसे पहले परिवार के बच्चों से दोस्ती करें. उनकी फेवरेट चीज़ें देकर उन्हें ख़ुश रखें और ढेर सारा प्यार करें. बच्चे ख़ुश रहेंगे, तो घर के बाकी सदस्य अपने आप ख़ुश रहेंगे.

  1. बड़े-बुज़ुर्गों के लिए बच्चे बन जाएं

घर के बड़े-बुज़ुर्गों के साथ थोड़ी देर बैठें, उनसे बातें करें. उनसे बात करते समय बहुत ज़्यादा मैच्योरिटी की बजाय थोड़ा बचपना दिखाएं और अपनी शरारतों के बारे में उन्हें बताएं, उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

  1. हमउम्र को बनाएं दोस्त

ननद, देवर, रिश्तेदारों के बच्चे, जो भी आपके हमउम्र हैं, उनसे दोस्तों की तरह ही व्यवहार करें. बहुत ज़्यादा दिखावा करने की बजाय, जैसी हैं, वैसी ही रहें. याद रखें, आपकी इन्हीं ख़ूबियों के कारण आपके ससुरालवाले आपको पसंद करते हैं.

  1. हर व़क्त हो चेहरे पर मुस्कान

हंसता हुआ चेहरा किसी भी उदास चेहरे को मुस्कुराने पर मजबूर कर देता है. आपके चेहरे की मुस्कान देखकर परिवार के हर सदस्य का चेहरा खिल उठेगा.

  1. रिश्तेदारों को घरवालों जैसा प्यार दें

शादी में दूर-दूर के रिश्तेदार इकट्ठा होते हैं. उनसे परिवार के सदस्यों जैसा व्यवहार करें. रिश्तेदारों को यह बहुत अच्छा लगता है कि नई बहू उनसे अजनबियों जैसा व्यवहार नहीं कर रही.

  1. नए घर की ख़ुशहाली की ज़िम्मेदारी आपकी है

आपको यह समझना होगा कि आपकी शादी स़िर्फ एक पुरुष से नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार से हुई है. इसलिए स़िर्फ पति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी आपकी है.

  1. आपका ख़ुश रहना ख़ुद आपके हाथ में है

ख़ुशियां आपको अपनी शादी से मिली हैं, उन्हें ताउम्र बनाए रखना आपके ही हाथ में है. आपकी ही तरह आपके ससुराल वाले भी काफ़ी दुविधा में होंगे कि नई दुल्हन उन्हें दिल से अपनाएगी या नहीं. इसलिए अपने नए घर को प्यार और ख़ुशियों से भर दें. सास-ससुर को माता-पिता मानें, इससे आप भी ख़ुश रहेंगी और आपके ससुरालवाले भी.

  1. हर पल को एंजॉय करें

भविष्य की चिंता छोड़कर इन सुनहरे पलों को एंजॉय करें. परिवार को संभालना, ज़िम्मेदारियां पूरी करना, सभी की उम्मीदों पर खरी उतरना, तो उम्रभर लगा रहेगा. फ़िलहाल जो व़क्त है, उसे एंजॉय करें और ख़ुद के साथ-साथ दूसरों को भी ख़ुश रखें.

  1. सुपरवुमन बनने की कोशिश न करें

नई बहू के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि वह उतनी ही ज़िम्मेदारियां उठाए, जितना वह निभा सकती है. सारी ज़िम्मेदारियां लेकर चिड़चिड़ी होने की बजाय परिवार में बांटना सीखें. सुपरवुमन बनने के चक्कर में अपनी सेहत की दुश्मन न बनें.

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