सावन का महीना एक ओर जहां वर्षा और हरियाली लेकर आता है वहीं दूसरी ओर संक्रमण और बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। इस दौरान कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण शरीर को कई बीमारियां अपना शिकार बना लेती हैं। इसलिए ऐसे मौमस में अपने खान-पान का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए।

आयुर्वेद में भी सावन के महीने में कुछ ऐसे विशेष आहार हैं जिनका सेवन वर्जित माना जाता है। यही नहीं हमारे शास्‍त्रों में भी इस महीने सात्विक भोजन करने की सलाह दी गई है। इसी वजह से इस महीने बहुत से लोग लहसुन, प्‍याज और मांस-मछली का सेवन छोड़ देते हैं।

सावन में भूलकर भी न करें इन 4 चीजों का सेवन

हरी पत्तेदार सब्जियां

सावन के महीने में हरी पत्‍तेदार सब्‍जियों के सेवन से वात की शिकायत बढ़ती है। यही नहीं इस मौसम में इन सब्‍जियों में बैक्टेरिया और कीड़े भी पनपते हैं, जिसे खाने से पेट दर्द और अन्य शिकायते हो सकती हैं।  

बैंगन

इस मौसम में बैंगन नहीं खाना चाहिए और अगर आप इसे खा भी रहे हैं तो बेहद सावधानी के साथ खाएं क्‍योकि बारिश के मौसम में इनमें कीड़े लग जाते हैं।

दूध

सावन में दूध का सेवन न करें। इसी बात को बताने के लिए सावन में शिव जी का दूध से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। वहीं अगर वैज्ञानिक तौर पर देखा जाए तो इस मौसम में दूध पीने से पित्‍त बढ़ता है। दूध की जगह पर दही का सेवन करना बेहद गुणकारी माना जाता है।

मांस-मछली और प्याज और लहसुन

सावन के महीने मांस और मछली खाने और प्याज-लहसुन का सेवन करने की मनाही होती है। तामसिक प्रवृत्ति के भोजनों से अध्यात्म के मार्ग में बाधा आती है और शरीर की भी हालत बिगड़ती है।

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सभी चित्र गूगल से लिया गया है

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