सायनस बीमारी की इलाज

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हलाकि सायनस कोई आज की नई बीमारी नही है।
पर एक बात जो ध्यान देने वाली है वह है कि पूर्व काल में यह गिने चुने लोगों को ही परेशांन करता था।
अधिकांश लोग-बाग़ तो इस बीमारी के बारे में जानते भी नही थे।
परंतु वर्तमान समय में बाढ़ जैसी तेजी से फैलने वाले इस सायनस रोग का सारा श्रेय आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को ही जाता है।
वर्तमान समय में तो हर पांच व्यक्ति में से दो व्यक्ति सायनस रोग से पीड़ित मिल जाते है।
एलोपैथी चिकित्सा विज्ञान के पास इस रोग के लक्षणों को बार बार दबाते रहने के अलावा कोई भी स्थाई इलाज नही है।
साइनस मानव शरीर की खोपड़ी में हवा भरी हुई कैविटी होती हैं
जो हमारे सिर को हल्कापन करते है
व सांस वाली हवा की भी नमी को युक्त करते हैं।
जिन्हें हम सायनस के रूप में जानते है
जब कभी किन्ही कारणों से साइनस का संक्रमण हो जाता है तो
यह सिरदर्द का भी एक कारण बन जाता है।
जब नाक व साइनस का संक्रमण होता है तो
इसका लक्षण आंखों पर और
माथे पर महसूस होता है।
सिरदर्द आगे झुकने व लेटने से बढ़ जाता है।
कई बार तो
नाक बंद,
थकान,
सर्दी के साथ बुखार,
चेहरे पर सूजन व
नाक से
पीला या
हरे रंग का रेशा
भी गिरता है।
चिकित्सकीय भाषा में इसे साइनोसाइटिस कहते हैं।
आज के आधुनिक साइंस के पास साइनस का कोई स्थायी उपचसर उपलब्ध न् होने के कारण इसके लिए किया जाने वाला सबसे आम उपचार सर्जरी है,
लेकिन अत्यन्त अफ़सोस पूर्वक कहना पड़ता है
अधिकांश मामलों में तो सर्जरी कई-कई बार किये जाने पर भी
यह की गयी सर्जरी कभी भी पूरी तरह सायनस को ठीक करने में सफल नहीं होती।
आप में से किसी व्यक्ति को यदि सायनस है
वह चाहे किसी भी स्टेज का क्यों न हो
कितना भी पुराना अथवा
बिगड़ा हुआ
क्यों न हो
चलिए आज मै आपको साइनस के इस संक्रमण को दूर करने के लिए
निश्चित लाभ प्रदान करने वाले स्वदेशीय घरेलू उपचार बताता हूँ।
हरि और ताजी सब्जियों के रस का प्रयोग साइनस संक्रमण को ठीक करने का सफल निरापद घरेलू उपचार है।
अगर आप
300 एमएल गाजर का रस,
100 एमएल चुकंदर का रस,
200 एमएल पालक का रस और
100 एमएल ककड़ी का रस
रोज़ पिएगें तो आपको सायनस संक्रमण में जरुर फायदा होगा।
एक चम्मच मेथी के बीज को
पानी के एक कप के साथ उबाल लें।
इसको पांच मिनट तक अच्‍छे से उबाल कर छान लें।
सायनस संक्रमण से निजात पाने के लिए
सहायक घरेलू उपचार के रूप में
यह मेथी दानों की चाय
एक बार हर रोज जरुर पीना चाहिए।
छोटा प्याज और
लहसुन कूंट कर
एक साथ पानी में उबाल कर भाप लेने से
साइनस के सिरदर्द में लाभ होता है।
साथ ही गर्म कपड़ा या
फिर गर्म पानी की बोतल
गालों के ऊपर रखकर सिकाई करनी चाहिए।
यह प्रक्रिया लगभग एक मिनट के लिए
दिन में तीन-चार बार करनी चाहिए।
इस सेक सायनस में काफी आराम मिलता है।
यूकलिप्टस तेल की कुछ बूंदों के साथ पानी का आधा कप उबाल लें और स्‍टीम लें।
यह सायनस के संक्रमण को दूर करता है और
साइनस के कारण हो रहे सिरदर्द के लिए फायदे मंद इलाज भी होता है।
लहसुन,
प्याज,
सहिजन,
काली मिर्च और
अदरक
को एक साथ डाल कर बनाये गये सुप को
गरमा गरम पीने से
सायनस के लक्षणों तत्काल लाभ होता है।
साइनस के कारण होने वालेे सिरदर्द को कम करने के लिए
नाक प्रत्येक नथुने में प्याज के रस की दो बूंदें डालिये।
सायनस के दर्द को कम करने के लिए
कमल जड़,
अदरक, और
आटां
मिला कर बनाया हुआ पैक बड़ा लाभदायक होता है।
इस पैक को रात भर अपनी नाक और माथे पर लागाएं रखें और
सुबह होते ही उसे गर्म पानी से धो लें।
इस मिश्रण को लगाने से
बलगम आपकी नाक की नली में
नहीं चिपकेगा,
इस प्रकार, संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है।
यह घरेलू उपाय सर्दियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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