सांस फूलने के बीमारी का इलाज

0
127

बहुत से लोग गलतफहमी के चलते सांस फूलना को दमा रोग ही समझ लेते हैं।
लेकिन सांस फूलना और दमा रोग में थोड़ा सा फर्क होता है।
ज्यादातर लोगों को गलतफहमी होती है कि मोटा होने की वजह से ही सांस फूलती है पर ऐसा कुछ नही है,पतले लोगो की भी ऐसे ही सांस फूलती है और इसका कारण हमारे शरीर में नही अपितु पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण, अस्वच्छ हवा में सांस लेना और गलत कार्यशैली हो सकती है।
जिन लोगो की सांस फूलती है, उनके लिए अंजीर अमृत के समान है।
क्योंकि अंजीर छाती में जमी बलगम और सारी गंदगी को बाहर निकाल देती है।
जिससे सांस नली साफ़ हो जाती है और सुचारू रूप से कार्य करती है।
इसके लिए आज के प्रदूषित वातावरण में सभी लोगों को रोजाना तीन अंजीर गरम पानी से धोकर रात को एक बर्तन में भिगोकर रख देना चाहिए और सुबह खाली पेट नाश्ते से पहले उन अंजीरों को खूब चबाकर खा लेना चाहिए। उसके बाद वह भिगोया हुआ पानी भी पी लेना चाहिए|
इस नुस्खे का प्रयोग लगातार एक महीने तक लगातार करना चाहिए। इसके प्रयोग से फर्क आपको खुद ही महसूस होने लगेगा।
जब सांस लेने होने वाली दिक्कतों में आराम मिल जाये तो भी हर सप्ताह में दो तीन बार इसका उपयोग करते रहना चाहिए।
तुलसी
तुलसी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है और श्वसन तंत्र पर बाहरी प्रदूषण और एलर्जी के हमले से रक्षा करने में समर्थ है।
इसलिए जिनको भी सांस फूलने की या दमा की शिकायत हो उन लोगो को तुलसी से बने इस काढ़े का इस्तेमाल अवश्य ही करना चाहिए।
तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए आधा कप पानी में 5 तुलसी की पत्ती, एक चुटकी सौंठ पाउडर, काला नमक और काली मिर्च डालकर उबाल ले।
ठंडा करके जब यह काढ़ा गुनगुना सा रह जाए तब इसका सेवन करे। नित्य प्रति इस काढ़े के सेवन से आपके सांस फूलने की समस्या जड़ से समाप्त हो जाएगी।सांस फूलने की समस्या अक्सर श्वास नली में सूजन या श्वास नली में कचरा आ जाने की वजह से ही उत्पन्न होती है।
श्वास नली को साफ़ करने का सबसे प्रभावी तरीका होता है– स्टीम या भाप लेना।
अजवायन
 
भाप लेने से यदि श्वास नली में सूजन है तो उसमे आराम हो जाता है और कचरा भी निकल जाता है तो इसके लिए आपको अजवायन पीसकर पानी में उबलनी है।
फिर इस अजवायन वाले उबले पानी मे से निकलने वाली भाप नाक द्वारा लेनी चाहिए।
क्योंकि अजवायन की भाप सूजन को खत्म और दमे और सांस फूलने की समस्या में राहत दिलाती है।
तिल के तेल
यदि ठंड की वजह से छाती जाम हो जाए या रात के समय दमे का प्रकोप बढ़ जाए और सांस ज्यादा फूलने लगे तो तिल के तेल को हल्का गर्म करके छाती और कमर पर गरम तेल की सेक करे।
इस प्रकार आपकी छाती खुल जायेगी और आपको सांस फूलने की समस्या में राहत मिलेगी।
अंगूर 
सांस फूलने या दमा की समस्या में अंगूर बहुत लाभदायक होता हैं |
इस समस्या में आप अंगूर भी खा सकते है या अंगूर का रस का भी सेवन कर सकते हैं |
चौलाई के पत्तों
 
यदि किसी व्यक्ति को सांस फूलने की या श्वसन सम्बन्धी कोई भी समस्या हो तो चौलाई के पत्तों का ताजा रस निकालकर और उसमे थोड़ा शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह सुबह खाली पेट सेवन करवाया जाए तो अतिशीघ्र लाभ पहुंचता है |
चौलाई के पत्तो का प्रयोग आप अन्य किसी ओर रूप में भी कर सकते है। चाहे तो चोलाई के पत्तो का साग भी खा सकते है। चोलाई के पत्ते इस समस्या में रामबाण औषधि है।
सांस फूलने की समस्या के लिए लहसुन की 3 कलियों को दूध में उबालना चाहिए और फिर उस दूध को छानकर सोने से पूर्व पिलाना चाहिए। याद रहे इसके ऊपर से कुछ देर बाद तक कुछ भी खाना पीना न किया जाए।
लहशुन के कुछ ही दिनों के निरन्तर प्रयोग से इसके चमत्कारी परिणाम देखने को मिलेंगे।
यदि सौंफ का प्रयोग दैनिक दिनचर्या में हर रोज किया जाए तो कभी सांस फूलने की समस्या आएगी ही नही।
क्योंकि सौंफ में बलगम को साफ करने के गुण विद्यमान होते हैं |
यदि दमे के रोगी और सांस फूलने वाले रोगी नियमित रूप से सौंफ का काढ़ा बना कर उसका इस्तेमाल करते रहें तो निश्चित रूप इस सांस फूलने की समस्या से निजात मिल जाएगी |
लौंग और शहद का काढ़ा पीने से श्वास नली की रुकावट दूर हो जाती है और श्वसन तंत्र मजबूत बनता है।
इसके लिए ऊपर का फूल तोड़ी हुई चार-छः लौंग को एक कप पानी में उबाल ले और फिर उसमे दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन बार थोड़ा-थोड़ा पीने से सांस फूलने की समस्या एकदम ठीक हो जाती है |
यदि हींग का प्रयोग अपने खानपान की दैनिक दिनचर्या में हर रोज किया जाए तो आपको कभी सांस फूलने की समस्या आएगी ही नही।
खानपान की खाद्य सामग्रियों में मिला कर हींग का प्रयोग किये जाने के अलावा बाजरे के दाने जितनी हींग को दो चम्मच शहद में मिला कर चाटते हुए भी हींग को दिन में तीन बार थोड़ा-थोड़ा चाटने से सांस फूलने की समस्या एकदम ठीक हो जाती है |
सांस फूलने या दमा की समस्या में नीबू का रस गरम जल में मिलाकर पीते रहने से यह समस्या धीरे धीरे जड़ से खत्म हो जाती है |
सांस फूलने की समस्या में केला अधिक मात्रा में नही खाना चाहिए |
पानी हल्का गरम पीना चाहिए |पानी उबालकर और थोड़ा हल्का गरम पीना ही लाभकारी होता है।
दमा या सांस फूलने की समस्या होने पर भोजन में कार्बोहाइड्रेट, चिकनाई एवं प्रोटीन जैसे एसिड बनाने वाले पदार्थ कम मात्रा में ही लें क्योंकि इनसे शरीर में एसिड बनता है जिससे श्वसन में बाधा उत्पन्न होती है इसलिए ताज़े फल, हरी सब्जियां तथा अंकुरित चने जैसे क्षारीय खाद्य पदार्थों का सेवन भरपूर मात्रा में करें।
 

Loading...

LEAVE A REPLY