ये हैं Breast Milk बढ़ाने के 6 नैचुरल तरीके

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डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को 6 महीने तक मां का दूध ही पिलाना चाहिए. क्योंकि यह बच्चे को सभी बीमारियों से बचाता है. स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) भी शिशु के जन्म के पहले छह महीने तक केवल ब्रेस्टफीडिंग कराने और उसके बाद स्तनपान के साथ-साथ ठोस आहार देने की सलाह देता है. लेकिन खुद मां की डाइट अगर ठीक ना हो तो स्तनपान में सबसे बड़ी समस्या आती हैं ब्रेस्ट मिल्क ना बनना. इसीलिए महिलाओं को ये सलाह दी जाती है कि वह अपने खान-पान का ध्यान रखें. यहां आपको ऐसे 6 फूड के बारे में बता रहे हैं जिससे ब्रेस्ट मिल्क बनने में मदद मिलेगी.
ओटमील
फाइबर से भरे ओटमील को बनाना बेहद ही आसान है, इसीलिए महिला बच्चे को संभालने के साथ-साथ चुटकियों में इसे बना सकती हैं. ओटमील प्रेग्नेंसी के बाद होने वाली डायबिटिज़ से भी बचाता है. इसके साथ ही ये डाइजेशन सिस्टम को भी बेहतर बनाता है.
कच्चा पपीता
इसकी सब्ज़ी बनाकर खाएं या फिर इसे फ्राइ करके स्नैक्स के तौर पर लें. कच्चा पपीता डाइजेशन सिस्टम ठीक करने के साथ-साथ ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में भी मदद करता है.
सौंफ
ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए सबसे पहले सौंफ खाने की सलाह दी जाती है. इसे आप सब्ज़ी में मिलाकर भी खा सकती हैं और ऐसे ही कभी भी मुंह में डाल सकती हैं. आप इसे चाय या दूध में मिलाकर भी सुबह शाम खा सकती हैं.
मेथी दाना
यह भी ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने का बहुत अच्छा सोर्स है. इसे अंकुरित करके दूध के साथ खाएं. इसे लेने से डिलिवरी के बाद कब्ज की समस्या भी कम हो जाती है. अगर आप अंकुरित करके ना खाएं तो इसे सब्ज़ी में ज़ीरे के साथ डालकर इस्तेमाल करें.
पालक 
आइरन, कैल्शियम और फॉलिक एसिड से भरपूर पालक अनैमिक (रक्तहीनता) महिलाओं के लिए वरदान है. इससे खून की कमी पूरी होने के साथ-साथ ब्रेस्ट मिल्क बनने में भी मदद मिलती है.
लिक्विड
पानी, दूध और जूस जैसे लिक्विड लेते रहने से ब्रेस्ट मिल्क की कमी नहीं होती. डॉक्टर भी सभी महिलाओं को सलाह देते हैं कि ब्रेस्ट फीडिंग तक भरपूर मात्रा में लिक्विड लें.

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