मेहनत का फल

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एक टिटहरी(San dipper)   थी | उसके अंडे एक बार समुद्र बहा कर ले गया | टिटहरी को बहुत दुःख हुआ | उसने सोचा की में समुद्र में से अपने अंडे ज़रूर निकल कर लाऊंगी | ऐसा सोचकर टिटहरी अपनी चोंच में मिटटी भरती और समुद्र में डाल देती | उसके इस कार्य को महर्षि अगस्त्य देख रहे थे उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ | महर्षि ने टिटहरी से इसका कारण पूछा | टिटहरी ने बताया  – ” महाराज मेरे अंडे समुद्र बहा कर ले गया है अब में इस समुद्र को मिटटी से भर दूंगी और अपने अंडे निकल लाऊंगी | ” story on Hard work
महर्षि को इस छोटे से पक्षी के प्रयास को देखकर बहुत प्रशन्नता हुई और उन्होंने उसकी सहायता करने का निर्णय लिया . महर्षि अगस्त्य ने 3 अंजली में सारे समुद्र का पानी पी लिया | और टिटहरी के अंडे मिल गए |
जब हम किसी काम को करने में पूरे मन से लग जाते हैं तो सारी कायनात हमरी सहायता करने में लग जाती है |
चाहे आप कितनी भी बड़ी मुश्किल में फँस गए हो लेकिन कभी अपने आप पर से विश्वास  न खो ना, कभी हार न मानना  और अपनी आखिरी साँस तक लड़ते रहना  फिर किसी मुश्किलों में इतनी ताकत  नहीं है  की वो आपको ज्यादा देर तक परेशान कर सके ।
कभी भी परेशानियों के आगे मत झुको हमेशा आगे बढ़ने का प्रयास करो ज़िंदगी वो नहीं जो हमें मिली है ज़िंदगी वो है जो हम इसे बनाते हैं | किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन से देखे चाहे वो अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) हो या  धीरु भाई अम्बानी (Dhirubhai Ambani ) या बिल गेट्स (Bill Gates) हो या स्टीव जॉब्स (Steve Jobs ). हर किसी के जीवन में परेशानियां आई पर वो सफल इसलिए हुए क्योकि उन्होंने परेशानियों के आगे घुटने नहीं टेके और आगे बढ़ने के रस्ते निकल लिए | किसी ने कहा भी है जिनके जीवन में कोई परेशानी नहीं आती वो जीवन में कोई उन्नति भी नहीं कर सकते |
 

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