बच्चो मे अंगूठा चूसने की आदत होती है , तो आइये जानते हैं अंगूठा चूसने के  नुकसान के बारे मे

 

शायद ही ऐसा कोई बच्चा होगा, जिसने कभी अंगूठा नहीं चूसा होगा । अक्सर बच्चों में यह शुरुआत में सामान्य होता है, लेकिन यदि बच्चे की यह आदत उसके 4 साल के होने के बाद भी रहती है तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

 वैसे कोशिश यह करनी चाहिए कि जब  बच्चे में यह आदत आये  तभी तुरंत ही इसे किसी तरह छुड़वा देना चाहिए , क्योंकि यदि बच्चा लगातार अंगूठा चूसता है तो इससे उसे काफी नुकसान होता है। 

 

  1. छोटे बच्चे दिनभर इधर उधर खेलते रहते हैं। कोई भी चीज हाथ में उठा लेते हैं और मुंह में डाल लेते हैं, इससे हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस अंगूठा चूसने के साथ उनके मुंह में जाकर उन्हें बीमार कर सकते हैं।
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  1. मुंह में अंगूठे के दबाव से बच्चे के दांत गलत दिशा में मुड़ जाते हैं, जिससे कई बार वे टेढ़े-मेढ़े, उबड़-खाबड़ व बाहर की तरफ उभरे हुए भी निकल आते हैं।

 

  1. अंगूठा चूसने से दांतों में बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं और बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं जो दांत को खोखला व कमजोर कर देते हैं व कई बार इन्हें गला देते हैं, जिससे दांतों में सड़न भी आ सकती है।

 

  1. बच्चे के पेट में इंफेक्शन हो सकता है।
  2. अंगूठा चूसने से बच्चे की भूख मर जाती है। जिसका उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

 

 

  1. अंगूठा चूसने का प्रभाव बच्चे के दिमाग पर भी पड़ता है, वे अंगूठा चूसने में मस्त रहते हैं और मंद बुद्धि हो जाते हैं।

 

  1. अंगूठा चूसने से बच्चे के दांत बाहर की ओर निकल आते हैं, होठ मोटे होकर लटक जाते हैं, मुंह खुला रखने की आदत पड़ जाती है।

 

  1. एक ही हाथ का अंगूठा चूसने के कारण वह अंगूठा पतला हो जाता है, फिर जब बच्चा उसी हाथ से लिखना शुरू करे तो उसे लिखने में परेशानी हो सकती है।

 

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सभी चित्र गूगल से लिया गया है

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