प्रेशर कुकर में नहीं कड़ाही में पकाना चाहिए खाना, जानिए क्यों…

 

अगर आप से कोई पूछे कि प्रेशर कुकर में या कड़ाही मे खाना बनाना बेहतर है तो आप तुरंत प्रेशर कुकर का नाम लेते है । इसमें खाना जल्दी बनता है और ईंधन की भी बचत होती है।

लेकिन

अगर आपको पता नहीं तो जानिए कि  आमतौर पर माना जाता है कि खाने को धीमें बनाने  पर पोषक तत्व बचे रहते हैं लेकिन खाने को  अगर तेज आंच पर पकाया जाए तो पोषक तत्व  तुरंत उड़ जाते हैं। तो क्या इस बात से ही कहा जा सकता है कि प्रेशर कुकर में खाने के न्यूट्रिएंट्स उड़ रहे हैं?

loading...

 

पिछले कुछ सालों में जादूई बर्तन माने जाना वाले  प्रेशर कुकर के कुछ नुकसान सामने आए है । लोगों ने इसमें पकने वाले खाने को कम पोषणयुक्त बताया है । इससे बिल्कुल विपरीत , प्रेशर कुकर के पुरे बंद होने के कारण कुछ लोगों ने बताया है  कि इसमें से न्यूट्रिएंट्स के उड़ने का सवाल ही नहीं।

कई बार यह भी कहा गया है कि प्रेशर कुकर में प्रेशर बनकर खाना पकता है इससे खाना बेकार हो जाता है।

प्रेशर कुकर में ढक्कन बंद होने से बने प्रेशर और भाप के इस्तेमाल से खाना बनता  है। आंच का इसमें कोई ज़्यादा इस्तेमाल  नहीं ह।

 

 

 

पैन में खाना बनाने पर खाना खुला होता है और इस वजह से नमी जल्दी हट  जाती है। खाना सूख जाता है। कड़ाही में खाना बनाने पर खाना पकाने में समय ज़्यादा लगता है और नमी बनी रहती है। इससे खाने का स्वाद बना  रहता है। अगर पैन या कड़ाही को ढक दिया जाए तो यह प्रेशर बनाकर खाना पकाता है।

 

 

 

प्रेशर कुकर में बहुत तेज़ आंच लगती है ताकि पानी जल्दी गर्म हो जाए और भाप बनकर प्रेशर बन जाए। यह खाना बनाने का बंद तरीका होता है जिसमें बाहरी हवा खाने को नहीं छू पाती। इस वजह से कुकर के अंदर का खाना  कच्चा भी रह सकता है।

 

 

खाना  के कच्चे रह जाने से अपच की समस्या हो सकती है। दूसरी तरह खुले बर्तन में खाना पकाने से न्यूट्रिएंट्स बचे रहते हैं। विटामिन और मिनरल्स खाने में नष्ट नही होता हैं।

 

 कड़ाही में पका खाना पचने  में आसान होता है। अधिकतर प्रेशर कुकर एल्यूमिनियम के बने होते हैं जो खाना पकाने के दौरान भोजन में मिलकर हमारे शरीर में पहुंच जाता है। यह बेहद नुकसान दायक है।

 

 

 

आज के समय में अगर दुविधा कड़ाही और प्रेशर कुकर के बीच है तो कड़ाही बेहतर है। इससे भी ज्यादा  विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खाना बनाने के पारंपरिक तरीकों पर लौटना चाहिए ।

 

 मिट्टी के बर्तन और लोहे की कड़ाही आपकी सेहत के सच्चे मित्र हैं।

 

डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। जरूरी नहीं कि वे विचार या राय www.socialsandesh.in के विचारों को प्रतिबिंबित करते हों .कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की हैं और social sandesh की उसके लिए कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं है ।

सभी चित्र गूगल से लिया गया है

Loading Facebook Comments ...

LEAVE A REPLY