दिल का दर्द

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वह नाश्ता कर रही थी। मगर उसकी नज़र अम्मी पर जमी हुई थी। इधर अम्मी जरा सी गाफिल हुई। इधर उसने एक रोटी लिपट कर अपनी पैंट की जेब में डाल ली। वह समझती थी कि अम्मी को खबर नहीं हुई। मगर वह यह बात नहीं जानती थी कि माओ को हर बात की खबर होती है। वह स्कूल जाने के लिए घर से बाहर निकली। और फिर पीछा शुरु हो गया। पीछा करने वाला एक आदमी था। वह अपने पीछे से बेखबर कंधों पर स्कूल बैग लटकाए उछलती कूदती चली जा रही थी। जब वह स्कूल पहुंची तो, प्रार्थना, शुरु हो चुकी थी। वह भागकर प्रार्थना में शामिल हो गई। भागने की वजह से रोटी सरक कर उसकी जेब से बाहर झांकने लगी। उसकी सहेलियां यह सिन देखकर मुस्कुराने लगीं। मगर वह अपना सर झुकाए, आँखें बंद किए पुरे धियान से जाने किसके लिए दुआ मांग रही थी। पीछा करने वाला छुपकर उसकी एक एक हरकत पर नजर रखे हुवा था, प्राथना के बाद वह अपनी क्लास में आ गई, बाकी समय पढ़ने लिखने में बीता मगर उसने रोटी नहीं खाई। घंटी बजने के साथ ही स्कूल से छुट्टी का ऐलान हुआ। सभी बच्चे बाहर लपके। अब वह भी अपने घर की ओर रवाना हुई। मगर इस बार उसने अपना रास्ता बदल लिया था। पीछा करने वाला अभी भी पीछा जारी रखा हुवा था। फिर उसने देखा वो लड़की एक झोपड़ी के सामने रुकी, झोपड़ी के बाहर एक बच्चा इंतजार निगाहों से उसे देख रहा था। इस बच्ची ने अपनी पैंट की जेब में से रोटी निकालकर उस बच्चे को सौंप दी। बच्चे की आँखें जगमगाने लगीं। अब वह बेसब्री से निवाला चबा रहा था। 
बच्ची बढ़ गई। मगर पीछा करने वाले के पाऊं पत्थर हो चुके थे। वह आवाज की गूँज सुन रहा था।, लगता है कि अपनी, मिनी, बीमार है , क्यों क्या हुआ ? उसके पेट में कीड़े है। नाश्ता करने के बावजूद एक रोटी अपने साथ स्कूल ले जाती है। वह भी चोरी से, यह उसकी बीवी थी। क्या आप की बेटी घर से खाना खाकर नहीं आती, क्यों क्या हुआ ? रोज़ाना उसकी जेब में एक रोटी होती है यह क्लास टीचर थी। वह जब अपने घर में हुआ। तो उसके कंधे झुके हुवे थे। अब्बू जी, अब्बू जी, कहते हुवे मिनी उसकी गोद में सवार हो गई। कुछ पता चला उसकी बीवी ने पूछा। हाँ पेट में कीड़ा नहीं है। दर्द दिल का मरीज़ है, अब्बू दिल भर आया मिनी कुछ समझ नहीं पाई थी

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