दहेज

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शर्मा जी के बेटे अनुज ने एमएसी किया हुआ है । शर्मा जी को पूरा विश्वास  है कि अनुज  की नौकरी किसी न किसी पद पर हो ही जाएगी इसलिए शर्मा जी अपने बेटे की तरफ से निश्चिन्त है। अब शर्मा जी अपने अनुज  की शादी कर देना चाहते है ।

इधर वर्मा जी की भी  एक बेटी ममता है । वर्मा जी की बेटी ने भी एमए किया हुआ है वो भी पहले दर्जे से और आईएएस की तैयारी करती है । वर्मा जी भी ममता की शादी कर देना चाहते है और अपनी जीमेदारियों से मुक्त होना चाहते है

। वर्मा जी ने कई लोगों से पता किया लड़को के बारे मे , उन्हे ये पता चला कि जिन लड़को ने एमए किया हुआ है उन लोगो कि मांग 6 या 7 लाख तक है और जो लड़के ग्रेजुएट है उनकी मांग 4 या 5 लाख तक है ।

 एक दिन कि बात है वर्मा जी घर पर बैठे हुये थे उनका भाई , ममता के लिए एक रिश्ता लाये थे । ये रिश्ता शर्मा जी के बेटे अनुज का था । शर्मा जी की मांग 4 लाख तक थी तो वर्मा जी ने सोचा चलो लड़के को चल कर देख ही लिया जाए । वर्मा जी अनुज को देखने उसके घर गए , वर्मा जी को अनुज पसंद आ गया ।

कुछ दिनों  बाद अनुज के घरवाले भी ममता को देखने आए उन्हे भी ममता पसंद आ गयी । अब अनुज और ममता की शादी ठीक हो गयी । अभी शादी ठीक हुये कुछ दिन ही हुये थे तभी अनुज का चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हो गया । ये बात जब अनुज के पिता शर्मा जी को लगी उन्हे गुस्सा आया वो सरकार को गालियां देने लगे ।

तब  उनकी पत्नी ने पूछा कि क्या आप इस बात से खुश नहीं है कि आपके बेटे कि नौकरी लग गयी , तो शर्मा जी कहते हैं कि ये नौकरी एक महीने पहले नही लग सकती थी क्या ? अगर नौकरी पहले लग गयी होती तो दहेज मे 40 या 50 लाख तो ऐसे ही मिल जाते और हमे दहेज मे सिर्फ 4 लाख तक मिला है ।

ये बात सुनकर शर्मा जी की पत्नी कहती हैं कि मै तो कहती ही थी अभी शादी ठीक मत करिए एक बार अनुज की नौकरी लग जाए इसके बाद ठीक करते हैं शादी लेकिन आपने मेरी एक नहीं सुनी । अब शर्मा जी को एक उपाए सुझा उन्होने वर्मा जी को खत लिखा ।

 “ प्रिय वर्मा जी आपको यह जानकर खुशी होगी की अनुज का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हो गया है शादी के मंगल अवसर पर यह मंगल हुआ है आपकी बेटी का भी इसमे योगदान है इस पद के हिसाब से देख लीजिएगा ,वैसे भी आप जो भी देंगे अपनी बेटी को ही देंगे ।

 वरना हमे मेचिंग का रिश्ता देखना पड़ेगा ।  

इस खबर से वर्मा परिवार मे हलचल मच गयी , और बहुत विचार करने पर वर्मा जी ने शर्मा जी को खत लिखा ,

 

प्रिय शर्मा जी मुझे यह जानकर बहुत खुशी है कि अनुज का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हो गया है । अनुज मेहनती है इस पद के योग्य है आगे भी खूब तरक्की करेगा । मै ही आपको खत लिखने वाला था ।

 आपको यह जानकर खुशी होगी कि ममता का चयन कलेक्टर के पद पर हो गया है और ममता अपने छोटे पद पर चयनित लड़के से शादी नही करना चाहती ।

मुझे यह रिश्ता तोड़कर बहुत खुशी हो रही है । और फिर यह रिश्ता टूट जाता है अब शर्मा जी को शर्मिंदगी महसूस होती है ।

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