एक आदमी को किसी ने सुझाव दिया कि दूर सेपानी लाते हो, क्यों नहीं अपने घर के पास एक कुआं खोद लेते?

हमेशा के लिएपानी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।सलाह मानकर उस आदमी ने कुआं खोदना शुरूकिया। लेकिन सात-आठ फीट खोदने के बादउसे पानी तो क्या, गीली मिट्टी का भी चिह्ननहीं मिला।

उसने वह जगह छोड़कर दूसरी जगहखुदाई शुरू की। लेकिन दस फीट खोदने के बादभी उसमें पानी नहीं निकला। उसने तीसरी जगहकुआं खोदा,

लेकिन निराशा ही हाथ लगी। इसक्रम में उसने आठ-दस फीट के दस कुएं खोदडाले, पानी नहीं मिला। वह निराश होकर उसआदमी के पास गया, जिसने कुआं खोदनेकी सलाह दी थी।

उसे बताया कि मैंने दस कुएं खोद डाले,पानी एक में भी नहीं निकला।

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उसव्यक्ति को आश्चर्य हुआ। वह स्वयंचल कर उस स्थान पर आया, जहां उसने दसगड्ढे खोद रखे थे। उनकी गहराई देखकर वहसमझ गया। बोला,

‘दस कुआं खोदने की बजाएएक कुएं में ही तुम अपना सारा परिश्रम औरपुरूषार्थ लगाते तो पानी कब का मिलगया होता।

तुम सब गड्ढों को बंद कर दो, केवलएक को गहरा करते जाओ, पानी निकलआएगा।’कहने का मतलब यही कि आजकी स्थिति यही है।

आदमी हर काम फटाफटकरना चाहता है। किसी के पास धैर्य नहीं है।इसी तरह पचासों योजनाएं एक साथ चलाता हैऔर पूरी एक भी नहीं हो पाती।

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सभी चित्र गूगल से लिया गया है

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