गरीब इंसान नहीं इंसान की सोच है

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एक समय की बात है मैं अपने ऑफिस में बैठा हुआ था l शाम का समय हो रहा था तभी किसी की आने की दस्तक हुई तो मैंने देखा कि एक बालक मुझे प्रणाम कर रहा है ll और बैठने की अनुमति मांग रहा है मैंने उससे बोला बैठ जाओ क्या परेशानी है तुम्हारी उसने अपनी कहानी शुरु की सर मैं एक गरीब लड़का हूं , जोकि दसवीं कक्षा में सरकारी विद्यालय में पढ़ता हूं मैं चाहता हूं कि जिस तरह और बच्चे अच्छे इंस्टिट्यूशन में पड कर परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर रहे हैं उसी तरह मैं भी अच्छा अंक लाकर और आगे बढ़ना चाहता हूं मैंने बोला बहुत अच्छी सोच रखते हो बेटा तो उसने बोला सर हम लोग गरीब हैं इसलिए हम बड़े इंस्टिट्यूशन में नहीं पढ़ सकते क्योंकि हमारे पास पैसा नहीं है मैं थोड़ा सा मुस्कुराता हूं और उस बालक की और देखता हूं और उससे बस एक ही बात करना चाहता था और मैं उसे कहता हूं कि अपने अंदर से यह गरीबी रुपी भूत को निकालो तब जाकर ही तुम आगे बढ़ पाओगे कैसे कहते हो तुम गरीब हो मैं नहीं मानता तुम्हारी सोच गरीब है मैंने उस से एक प्रश्न पूछा क्या तुम जब जन्म लिए थे उस समय तुम्हें पता था कि तुम गरीब हो तो बालक ने बोला नहीं सर फिर मैंने उससे पूछा की तुम्हारे पिता जी क्या काम करते हैं उसने बोला कि मेरे पिताजी मजदूरी का काम करते हे लेबर ह मैंने बोला चलो ठीक है कोई बात नहीं मैं तुमसे जो पूछता हूं सही सही जवाब देना क्या अगर मैं तुम्हें कक्षा तीन और चार के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने की बात कहूं तो क्या तुम उन बच्चों को पढ़ाने में सक्षम हो पाओगे उस बच्चे ने बोला गुरु जी मैं सोचकर बताऊंगा कल मैं फिर आपके पास आऊंगा कल तक मैं उस बच्चे का इंतजार करता रहा फिर उस बच्चे से मेरी मुलाकात होती है तो बच्चा बोलता है कि मैं पढ़ा लूंगा मुझे बहुत ही ज्यादा प्रसन्नता होती है उस बच्चे की बात को सुनकर मैंने बोला की अब तुम यह कहना छोड़ दो कि तुम गरीब हो क्योंकि तुम्हारे पास विद्या है और जिसके पास विद्या हो वह जीवन में कभी गरीब नहीं हो सकता है अब तुम अपने इंस्टिट्यूशन का पैसा भी दे पाओगे और यह कभी किसी से नहीं कहोगे कि मैं गरीब हूं उस बच्चे ने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया महीने का वह ₹3000 कमाना शुरु कर दिया फिर 3000 से उसका मंथली इनकम बढ़ता गया इस प्रकार अपने अंदर की विद्या शक्ति को समझ कर उसने अपनी गरीबी को दूर किया अब उसे जीवन में सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता lll
इसलिए मैं कहता हूं शिक्षा है एक ऐसा धन जिसको कोई चुरा न सके l

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