केले के तने के भी काफी फायदे होते हैं। केले का तना, जिसे “बनाना स्टेम” भी कहा जाता है। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं जो कि एक स्वस्थ शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। चलिये आज आपको बनाना स्टेम और इससे होने वाले कमाल के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताते हैं।

 साथ ही बताते हैं कई तरह के बनाना स्टेम जूस बनाने के तरीके।  

हम लोग भोजन के किसी भी भाग को बर्बाद नहीं करते हैं। इसलिये वे न सिर्फ केले को खाते हैं बल्कि इसे तने व फूल को भी भोजन में इस्तेमाल करते हैं। यदि वनस्पति-विज्ञान की भाषा में बात करें तो बनाना स्टेम को किसी स्टेम की तरह नहीं बल्कि फूल के डंठल की तरह माना जाता है।

 इसके फूल का डंठल कुछ इस तरह बढ़ता है कि केले के पूरे पेड़ को ही सपोर्ट करता है। लोग आम तौर पर डंठल की बाहरी परत को छीलकर निकाल देते हैं, लेकिन इसके भीतर काफी सारा फाइबर और खानें लायक पदार्थ होता है।

कई उष्णकटिबंधीय देशों में लोग इसे करी और तले हुए स्नैक्स में इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि इसमें हमारे शरीर के लिए पर्याप्त फाइबर होता है,

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बनाना स्टेम का सेवन कब्ज और अल्सर को रोकने में सहायक होता है। इसे जूस बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।  बनाना स्टेम का जूस बनाने के लिये एक घंटे के लिए बनाना स्टेम को पानी में भीगो दें और फिर इसका रस निकालें।

इसे सेब के जूस के साथ मिलाकर कुछ आइस क्यूब डालें और फिर पियें । इसे बटरमिल्क और सेब के रस के साथ भी पिया जा सकता है।

बनाना स्टेम में एक ऐसा फाइबर होता है जो शरीर से अतिरिक्त वसा को नष्ट करने में कारगर होता है।

 बनाना स्टेम जूस में मौजूद फाइबर, शुगर रिलीज की प्रक्रिया को धीमा करता है तथा कोशिकाओं में जमा वसा को तोड़ता है। तो, अगर आप कसरत करने से पहले बनाना स्टेम जूस पीते हैं तो ये आपको ऊर्जा देता है और प्रभावी तरीके से वजन कम करने में भी मदद करता है।

 

बनाना स्टेम जूस में बहुत कम कैलोरी होती हैं, आप इसका बिना मोटा होने के डर के सेवन कर सकते हैं।

 एक दिन में 25 ग्राम तक फाइबर लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन वजन कम करने के लिये एक दिन में 30 से 40 ग्राम तक फाइबर भी ला जा सकती है, और इसके लिये बनाना स्टेम जूस अच्छा  विकल्प है।

बनाना स्टेम जूस किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों के लिये काफी फादेमंद होता है। बनाना स्टेम जूस का मूत्रवर्धक गुण किडनी स्टोन का आकार करने में प्रभावी होता है।

 केले के तने के सफेद भाग के ताजे रस को नियमित पीने से मधुमेह रोग धीरे-धीरे खत्म हो जाता है l केले के पेड़ के तने के अंदरूनी भाग में एक सफेद डंडा होता है। इस डंडे के रस से गर्मी के रोग तथा मस्तिष्क-सम्बन्धी रोग शांत होते हैं। कैंसर रोगी के लिए यह औषधि का कार्य करता है।

केले के तने का रस चार चम्मच, घी दो चम्मच मिलाकर पीने से बन्द हुआ पेशाब खुलकर आता है। यह मूत्राघात के लिए उत्तम नुस्खा है। इस रस में मिला हुआ घी पेट में नहीं ठहर सकता और पेशाब शीघ्र आ जाता है।

अथवा केले के तने का रस गाय के मूत्र में मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है।

केले के पेड़ का ताजा रस या सब्जी बनाने वाला कच्चा केला क्षय रोग को दूर करने के लिए रामबाण है। जिसे क्षय रोग हो चुका है, कष्टदायक खाँसी होती हो, जिसमें अधिक मात्रा में बलगम निकलता हो, रात को इतना पसीना आता हो कि सब कपड़े भीग जायें,

साथ ही बहुत तेज बुखार भी रहता हो, दस्त आते हों, भूख न लगती हो, वजन भी बहुत गिर चुका हो, उनको केले के मोटे तने के टुकड़े का रस निकालकर और छानकर एक-दो कप ताजा रस हर दो घण्टे बाद घूंट-घूंट करके पिलाया जाए।

तीन दिन रस बराबर पिलाने से रोगी को बहुत लाभ होगा। दो माह तक इस चिकित्सा से क्षय रोग से छुटकारा मिल सकता है।

केले के तने का रस हर 24 घण्टे के बाद ताजा ही निकालना चाहिए। 8-10 ग्राम केले के पत्ते 200 मिलीलिटर पानी में डालकर पड़ा रहने दें। इस पानी को छानकर एक बड़ा चम्मच दिन में तीन बार पिलाते रहने से फेफड़ों में जमी गाढ़ी बलगम पतली होकर निकल जाती है।

केले के पत्तों का रस मधु में मिलाकर क्षय के रोगी को पिलाते रहने से भी फेफड़ों के घाव भर जाते हैं। खाँसी बलगम कम हो जाती है और फेफड़ों से खून आना रुक जाता है।

अगर किसी को सांप काट ले तो तुरंत केले के पेड़ से १०० ग्राम की मात्र में ताजा रस निकाल कर पिला दीजिये,सांप का जहर तुरंत उतर जाएगा.

केले के पेड़ के तने को पीसकर, 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में ताजा रस निकालकर पीने से दस्तों का बार-बार आना बंद होता है।

केले और पानी का मिश्रण शरीर के लिए पानी बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि पानी में कुछ पोषक तत्वों को मिला दें तो पानी शरीर से कई संक्रामक रोगों को खत्म कर सकता है। केला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है इसमें मौजूद विटामिन बी,ए विटामिन ए, मैग्नीशियम शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं।

लंबे समय से हो रही खांसी के लिए केला बहुत फायदेमंद है केला और पानी के मिश्रण को बनाने के लिए 350 मिली लीटर पानी उबालें।

आप दो पके चितकबरे केले लें और इनके छिलके उतारकर इन्हें काट लें और अच्छे से मैश कर लें। अब इस पेस्ट में थोड़ी सी चीनी मिलाकर इसे घुमाएं। फिर इस पेस्ट में उबला हुआ पानी डालकर इसे किसी बर्तन से ढ़क दें। कम से कम आधे घंटे के लिए।

जब यह पेस्ट ठंडा हो जाए तब इसे छानकर किसी बर्तन में डाल दें।अब इस पेस्ट का सेवन दिन में चार बारी करें। हर दिन के लिए नया पेस्ट बनाएं।

ऐसा करने से गले की खराश और लगातार खांसी से बच्चे और बड़े दोनों को ही आराम मिलता है।

ऐसे में केले और पानी से बना पेस्ट फायदेमंद होता है।पेट की गर्मी और कब्ज से छुटकारा मिलता है।श्वांस से संबंधित रोगों के लिए फायदेमंद होता है ये पेस्ट।

केले और पानी से बने इस पेस्ट का सेवन करने से आप भंयकर खांसी और उन पर खर्च होने वाली महंगी दवाओं से छुटकारा पा सकते हो।

 

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