अब आसान नहीं होगा डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना, ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर तेजी से हो रही है यह तैयारी

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‘यदि एक राज्य का ड्राइवर शराब पीकर दूसरे राज्य में दुर्घटना कर भागता है तो वह किसी अलग राज्य से डुप्लिकेट लाइसेंस प्राप्त करता है. लेकिन अब ऐसा करने पर वह अपना नाम गलत बता सकता है, लेकिन डिजिटल पहचान को नहीं बदल सकेगा.’

सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि वह ड्राइविंग लाइसेंस को बायोमीट्रिक पहचान आधार से जोड़ने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बातचीत कर रहे हैं. प्रसाद ने एनएसई टेक कॉनक्लेव 2018 को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं नितिन गडकरी जी से बात कर रहा हूं, जिससे मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ा जा सके.’ प्रसाद ने कहा कि यह कदम जनता के हित में होगा.
न्होंने कहा कि यदि एक राज्य का ड्राइवर शराब पीकर दूसरे राज्य में दुर्घटना कर भागता है तो वह किसी अलग राज्य से डुप्लिकेट लाइसेंस प्राप्त करता है. लेकिन अब ऐसा करने पर वह अपना नाम गलत बता सकता है, लेकिन डिजिटल पहचान को नहीं बदल सकेगा.
 
गडकरी से चल रही बातचीत पर प्रसाद ने कहा कि हम इसे तेजी से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं. प्रस्तावित मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण को आधार से जोड़ने का प्रावधान है. इसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है. यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. अभी इसे राज्यसभा की मंजूरी का इंतजार है.
 
इनपुट- भाषा

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