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गरीब दूर तक चलता हैं, खाना खाने के लिए-

गरीब दूर तक चलता हैं, खाना खाने के लिए- अमीर मीलो चलता हैं, खाना पचाने के लिए- किसी के पास खाने के लिए एक वक्त की...

हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क:

1- कान छिदवाने की परम्परा: भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है। वैज्ञानिक तर्क- दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने...

फूटा घड़ा

बहुत समय पहले की बात है , किसी गाँव में एक किसान रहता था . वह रोज़ भोर में उठकर दूर झरनों से स्वच्छ...

प्रार्थना की शक्ति

एक वृद्ध महिला एक सब्जी की दुकान पर जाती है, उसके पास सब्जी खरीदने के पैसे नहीं होते हैं , वो दुकानदार से प्रार्थना...

पानी की एक बूंद

एक बार एक व्यक्ति रेगिस्तान में कहीं भटक गया ।उसके पास खाने-पीने की जो थोड़ी बहुत चीजें थीं, वो जल्द ही ख़त्म हो गयीं...

लोभ का कुआं

एक बार राजा भोज के दरबार में एक सवाल उठा कि ' ऐसा कौन सा कुआं है जिसमें गिरने के बाद आदमी बाहर नहीं...

पासवाले घर की बहू

वह आराम से आठ बजे सोकर उठती, चाय पीती, फिर नहा-धोकर सज-धजकर बैठ जाती. लोगों से चहक-चहककर बातें करती, क्योंकि मायका बगल में होने...

बाल-गोपाल

यमुना नदी के किनारे फूस की एक छोटी से कुटिया में एक बूढ़ी स्त्री रहा करती थी। वह बूढ़ी स्त्री अत्यंत अभाव ग्रस्त जीवन...

छलिया-उपासना सियाग

मार्च का दूसरा पखवाड़ा , सुहावना मौसम , सुहानी धूप लेकिन थोड़ी बहुत शीत  लहर का भी असर । बसंत -बहार का मौसम !...

खुशी की ओर पहला कदम…उपासना सियाग

"दर्द ! कैसा दर्द !! "   " अब दर्द कहाँ होता है डॉक्टर  ? कहीं भी हाथ रखो , दर्द नहीं होता मुझे !...