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मुझे बहू की तलाश है-उपासना सियाग

आज के ज़माने बच्चों का पालन करना फिर उनको उनकी मजिल की राह  दिखाना उतना मुश्किल नहीं है जितना उनके लिए उपयुक्त जीवन – साथी  का चुनाव करना है। अगर बेटी की शादी करना...

वादा-सोमा सुर

अवनि के पापा का तबादला इस छोटे से शहर में हुआ था। कक्षा ५ में पढ़ने वाली बैंक मैनेजर की बेटी अवनि अब तक बड़े शहरों में ही रही थी। छोटे से शहर के...

देनेवाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ के

एक गाँव में रामू नाम का एक किसान रहता था। वह बहुत ही ईमानदार और भोला-भाला था। वह सदा ही दूसरों की सहायता करने के लिए तैयार रहता था। एक बार की बात है कि...

जड़े-उपासना सियाग

परमेश्वरी विवाह के एक दिन पहले की रात को अपने बाबा के पिछवाड़े के आँगन में लगे हरसिंगार के पेड़ के नीचे खड़ी थी।  मानो उसकी खुशबू एक साथ ही अपने अन्दर समाहित कर...

अंतर-अशोक परुथी “मतवाला”

अनिता अपने बालों को कंघे से सँवारती हुई अपने मुख पर एक अनजानी सी उदासी लिए न जाने किस सोच में डूबी थी। अतीत की मधुर स्मृतियों के अथाह सागर में वह इतना डूबी...

शालू की बेटियाँ-मंजु सिंह

शालू अपनी बड़ी होती बेटियों की एक बात से बड़ी परेशान थी । जब भी कहीं से शादी ब्याह का निमन्त्रण आता था उसकी यह परेशानी और भी बढ़ जाती थी । निक्की और...

भूख-अशोक परुथी “मतवाला”

रामू आज आनन्द को रेस्टोरेंट में जल्दी आया देखकर हैरान था। उसने आनन्द को सलाम किया और झट से एक पानी का जग और एक खाली गिलास लाकर ‘टेबल’ पर रख दिया। अनमने-से ढंग...

“पति -सेवा हर भारतीय नारी का धर्म है”-उपासना सियाग

“पति -सेवा हर भारतीय नारी का  धर्म है और ये हमारी संस्कृति भी है पति की सेवा से, पति प्रसन्न हो कर कोई भी वरदान दे सकते हैं”…….ये पंक्तियाँ  24 साल पहले मैंने एक...

पदक-उपासना सियाग

विभा शाम को  अक्सर पास के पार्क चली जाया करती है .उसे छोटे बच्चों से बेहद लगाव है, सोचती है कितने प्यारे कितने मासूम, दौड़ते, भागते, मस्त हो कर दीन -दुनिया के ग़मों से...

किसी को छोटा न समझे

एक शेर की गुफा थी| खूब गहरी, खूब अँधेरी| उसी में बिल बनाकर एक छोटी चुहिया भी रहती थी| शेर जो शिकार लाता, उसकी बची हड्डियों में लगा मांस चुहिया के लिये बहुत था|...